सहारनपुर के ग्राम मीरपुर गंदेवड़ के प्रधान विश्वास कुमार ने पूर्व बसपा एमएलसी मोहम्मद इकबाल सहित चार लोगों पर धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में विश्वास कुमार ने आरोप लगाया है कि उसे एक फर्म में फर्जी तरीके से साझीदार दिखाकर बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से करंट एकाउंट खुलवाया गया और बाद में फर्म के खाते से नोटबंदी के दौरान भारी धनराशि का लेनदेन किया गया और धनराशि बाद में पूर्व एमएलसी की कंपनियों और फर्मों को हस्तांतरित की गई।
प्रधान विश्वास कुमार का कहना है कि वह दिल्ली रोड साउथ सिटी स्थित एक एग्रो फर्म में पार्टनर है। इस फर्म नाम से लगभग 5.3 हेक्टेयर कृषि भूमि वर्ष 2013 में खरीदी गई थी। इसके बाद इस फर्म द्वारा कोई कार्य नहीं किया गया।
उन्होंने वैभव मुकुंद एवं विश्वास कुमार के साथ कृषि कार्य के लिए दो पार्टनरशिप फर्म यमुना एग्रो सोल्यूशन एवं यमुना एग्रोटेक बनाई थीं। इसके लिए वर्ष 2013 में दो अलग-अलग पार्टनरशिप डीड का निष्पादन किया गया और दोनों पार्टनरशिप डीड को पंजीकृत कराने के लिए वैभव मुकुंद एवं रविंद्र कुमार को दी गई थी।
लेकिन उन्होंने इनमें से एक फर्म का रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकरण कराया, गलत नीयत से दूसरी फर्म पंजीकरण नहीं कराया। बाद में आरोपियों ने उसे पार्टनर दिखाकर 13 मई 2015 में यमुना एग्रो सोल्यूशन फर्म का एक चालू खाता पंजाब नेशनल बैंक की ब्रांच में खोला है।
विश्वास कुमार ने आरोप लगाया है कि खाता खोलने के लिए किसी भी फार्म पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और न कोई खाता उक्त फर्म के नाम से खोला है। यह धोखाधड़ी और जालसाजी से किया गया है।
उसकी जानकारी के बिना भारी मात्रा में लेनदेन किया गया है। यही नहीं नोटबंदी के दौरान भी काफी पैसा जमा किया गया और नगद धनराशि भी जमा की गई एवं निकाली गई। इस चालू खाते का इस्तेमाल कर काफी पैसा पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल निवासी मिर्जापुर पोल की कंपनियों एवं फर्मों को हस्तांतरित किया गया है।
आरोप है कि सब कुछ बैंककर्मियों एवं अधिकारियों की मिलीभगत से यह सब किया गया है। पूर्व एमएलसी इकबाल सहित अन्य आरोपियों एवं बैंक अधिकारियों पर आईपीसी की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत थाना जनकपुरी में एफआईआर दर्ज की गई है।