देहात कोतवाली के गांव ढमोला में हथियारों से लैस एक पक्ष ने प्रधान पक्ष पर हमला बोल दिया। करीब एक घंटे तक चली गोलियों से भगदड़ मच गई। फिर भी गोली लगने से दो की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हैरत की बात यह है कि पुलिस काफी देर बाद गांव पहुंची, जिसकी वजह से पीड़ित पक्ष में रोष देखने को मिला। मरने वालों में एक लड़की भी है, जो ग्राम प्रधान की भतीजी है। मामला चुनावी रंजिश का बताया जा रहा है, जिसमें पहले भी कई बार झगड़ा हो चुका है।
जिला अस्पताल पहुंचे अब्दुल जब्बार ने बताया कि उनके गांव में 15 साल से ग्राम प्रधान पद को लेकर तनातनी चली आ रही है। तीन योजनाओं से उनके पक्ष के इंतजार प्रधान बन रहे हैं, जबकि दूसरे पक्ष के नफीस को हर बार हार का सामना करना पड़ता है।
आरोप लगाया कि इस बार के चुनाव हारने के बाद नफीस ने उसकी बाजू तोड़ दी थी। उसके बाद झगड़ा हुआ था। बताया कि नफीस पक्ष ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी हुई थी। दस मई को ग्राम प्रधान के बेटे फिरोज की शादी थी।
शादी में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। इसके लिए उन्होंने एसएसपी कार्यालय में प्रार्थन पत्र दिया था। उनके प्रार्थना पत्र पर शादी के दिन पुलिस गांव पहुंची थी। मंगलवार को भी उनके परिवार के ज्यादातर पुरुष मसरूर नाम के युवक की बारात में गांव चाटका गए हुए थे। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर नफीस पक्ष के दो दर्जन से अधिक लोगों ने उनके परिवार पर हमला बोल दिया।
आरोप है कि हमलावर तमंचों, बल्लम और लाठियों से लैस थे, जिन्होंने घरों में घुसकर गोलियां बरसाई। इससे भगदड़ मच गई, मगर हमलावरों से उन्हें ढूंढ ढूंढकर गोलियां मारी। उनके भाई अब्दुल गफ्फार की पीठ में कई गोलियां लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
गफ्फार की पत्नी मुसर्रम के गले तथा प्रधान की भतीजी गुलफशां पुत्री तालिब के जांघ में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को हायर सेंटर रेफर किया गया। सहारनपुर के ही एक निजी अस्पताल में गुलफशां ने भी दम तोड़ दिया। इसके अलावा प्रधान पुत्र जुबैर आलम पर लाठियों से वार किए गए, जिसमें वह भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राहुल पांडेय और एएसपी सुनीति कई थानों की पुलिस के साथ जिला अस्पताल में तैनात रहे। उधर, देहात कोतवाली प्रभारी परवेज आलम ने बताया कि पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है, मगर किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर के बाद ही कार्रवाई होगी।
पुलिस के सामने ही भिड़ेेे दोनों पक्ष
जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने अब्दुल गफ्फार को मृत घोषित कर दिया था। इससे गफ्फार के परिजनों में शोक और गुस्सा था। थोड़ी ही देर बाद जैसे ही दूसरे पक्ष का एक व्यक्ति भी घायल अवस्था में जिला अस्पताल पहुंचा।
मृतक के परिजन उससे भिड़ने को तैयार हो गए। कुछ लोग जान का बदला जान से लेने की बात कह रहे थे। पुलिस ने बमुश्किल मामले को शांत कराया। इसके कुछ देर बाद पीड़ित पक्ष के कुछ और लोग पहुंचे, जिनका आक्रोश भी पुलिस को झेलना पड़ा।