सहारनपुर में लगातार दूसरे दिन हुई बंदियों की फरारी से एसएसपी भड़क उठे। एसएसपी ने प्रतिसार निरीक्षक समेत आठ पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया।
सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए और मामले की जांच एसपीदेहात को सौंप दी। इस कार्रवाई से पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया है।बुधवार को पुलिस कर्मियों की लापरवाही से फरार हुए चार बंदियों का अभी सुराग तक नहीं लग पाया कि दूसरे दिन बृहस्पतिवार को ही तीन और बंदी फरार हो गए।
हालांकि एक को लोगों ने पकड़ लिया, लेकिन दो भागने में सफल हो गए। जबकि एसएसची भारत सिंह यादव ने प्रतिसार निरीक्षक ताहिर हसन को बृहस्पतिवार की दोपहर में बुलाकर बंदियों पर कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए थे।
यहां तक कि उन्हें स्वयं जाकर व्यवस्था देखने के लिए कहा गया था लेकिन बृहस्पतिवार को फिर से तीन बंदी गाड़ी का जाल तोड़कर फरार हो गए। इस पर एसएसपी भड़क उठे।
उन्होंने न सिर्फ छह पुलिस कर्मियों को बल्कि गाड़ी चालक और प्रतिसार निरीक्षक को भी सस्पेंड कर दिया। जिससे पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया।
एसएसपी ने कहा कि पुलिस टीमों को बंदियों की तलाश में लगा दिया गया है। शीघ्र ही फरार हुए बंदी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
छह माह में बंदियों की फरारी की यह पांचवीं घटना हुई है। तीन घटनाएं तो जेल के सामने से ही हुईं हैं। एक घटना कचहरी परिसर से हुई, एक मिर्जापुर थाना से हुई। उसके बाद अब बुधवार को चार बंदी फरार हो गए और बृहस्पतिवार को तीन में से दो बंदी फरार हो गए।
दो बार पहले भी फरार हो चुका है बिरजू ः नकुड़ के गांव ढोलपुर माजरा निवासी बिरजू उर्फ बृजपाल थाना देवबंद से वर्ष 2011 में और वर्ष 2012 में यह फरार हुआ था। इस मामले में धारा 224 का मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।
बुधवार के आरोपी पुलिस कर्मी गिरफ्तारी, जमानत पर रिहाः बुधवार को चार बंदियों की फरारी के मामले में एचसीपी विनोद कुमार, कांस्टेबल सुखविंदर, रामकुमार तथा संजीव कुमार को पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से चारों को जमानत दे दी गई।
कचहरी परिसर से ही अक्तूबर में पेशी पर लाए जाने के दौरान एचसीपी को धक्का देकर एक अधिवक्ता के चेंबर से दानिश फरार हो गया था। उसे पकड़ना तो दूर उसका कोई सुराग नहीं लगा है।