शहर के घंटाघर चौक के पास स्थित एसबीआई के शाखा प्रबंधक से फोन पर कॉल कर रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। प्रबंधक का आरोप है कि तीन दिन पहले उसके पास किए गए एक फोन पर छोटे बेटे को उठाने की धमकी देते हुए तीन लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। इसके बाद से फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा है। प्रबंधक की ओर से थाना सदर पुलिस को तहरीर दी गई है।
इसके अलावा एसएसपी, एसपी सिटी और साइबर टीम को भी सूचित किया गया है। पुलिस और साइबर टीम सीडीआर की पड़ताल के आधार पर रंगदारी मांगने वाले की तलाश में जुटी है। थाना सदर में दी गई तहरीर में घंटाघर स्थित एसबीआई शाखा के प्रबंधक और नवीन नगर निवासी मेघराम की ओर से बताया गया कि तीन अक्तूबर की दोपहर उनके मोबाइल पर एक कॉल आई थी।
इसमें उनसे पूछा गया कि क्या वह मेघराम बोल रहे हैं। हां कहने के बाद कहा गया कि तीन लाख रुपये लेकर आओ नहीं तो तुम्हारे छोटे बेटे को उठा लिया जाएगा। इसके बाद बैंक प्रबंधक ने फोन करने वाले की मंशा जानने के लिए जब पूछा कि पैसे कहां लेकर आने है तो फोन काट दिया गया।
बैंक मैनेजर के अनुसार फोन पर दी गई धमकी के बाद वह अपने छोटे बेटे मौलिक की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। उन्होंने बताया कि उनका यह बेटा सेंट मैरीज एकेडमी में पढ़ता है। इस मामले में सदर पुलिस के अलावा साइबर टीम से जुड़े विशेषज्ञ राजपाल सिंह को भी फोन नंबर उपलब्ध करा दिया गया है। थाना प्रभारी एके सिंह ने बताया कि सीडीआर की पड़ताल से फोन करने वाले तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
दो बेटे हैं...स्टेट बैंक में हो
- फोन करने वाले के पास यह जानकारी थी कि बैंक मैनेजर के दो बेटे हैं और वह स्टेट बैंक आफ इंडिया में सेवारत हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि बातचीत के दौरान फोन करने वाले ने कहा कि तुम्हारे दो बेटे हैं और छोटे बेटे को उठा लिया जाएगा। स्टेट बैंक में काम करने की बात भी उनकी ओर से कही गई।
किसी साथी छात्र की शरारत तो नहीं?
बैंक मैनेजर को फोन पर बेटे को उठाने की धमकी देकर तीन लाख की रंगदारी मांगने का मामला मानते हुए ही फिलहाल जांच की जा रही है। लेकिन, पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि कहीं इस फोन के पीछे बेटे के स्कूल में सहपाठी की कोई शरारत तो नहीं है। दूसरी ओर बैंक मैनेजर का कहना है कि फोन करने वाले की आवाज किसी बदमाश किस्म के व्यक्ति की ही लग रही थी। वह किसी छात्र या बच्चे की आवाज महसूस नहीं की गई। इसलिए फोन करने वाला का पता निकालकर कड़ी कार्रवाई की जाए।