कचहरी से बंदी के फरार होने के बाद छानबीन करते पुलिस अधिकारी।
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पुलिस अभिरक्षा में पेशी पर आया हत्यारोपी बंदी दरोगा को धक्का देकर कचहरी की दीवार फांदकर फरार हो गया। पुलिस कर्मियों ने उसका पीछा भी किया, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। इससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शहर की नाकाबंदी करा कर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं सड़कों पर चेकिंग कराई गई, लेकिन बंदी का पता नहीं चला।
ग्राम घानाखेड़ी निवासी दानिश पुत्र फारुख गांव के एक दोस्त की हत्या के आरोप में 2012 से जेल में बंद है। शुक्रवार को उसकी एडीजे-3 कोर्ट में पेशी होनी थी। इसके लिए सुबह जेल से गाड़ी उसे लेकर कचहरी पहुंची और एचसीपी यशपाल उसे गाड़ी से उतार कर कोर्ट में पेशी के लिए ले गया।
मगर, कचहरी में अधिवक्ताओं द्वारा नो वर्क होेने के कारण वह एक अधिवक्ता के चेंबर के सामने पड़ी बेंच पर बैठ गया। अपराह्न करीब दो बजे अचानक दानिश उठा और यशपाल को धक्का देकर बेंच से गिरा दिया। इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता दानिश ने अधिवक्ताओं के चेंबर की छत पर सीढ़ियों के रास्ते पहुंचकर कचहरी की दीवार से पार छलांग लगा दी और पार्श्वनाथ प्लाजा की ओर से होता हुआ फरार हो गया।
एचसीपी यशपाल ने खुद को संभाला और काफी दूर उसे पीछे भागा, लेकिन दानिश हाथ नहीं आया। बंदी की फरारी की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी सिटी संजय सिंह और एएसपी सुनीति कचहरी पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शहर के सभी रास्तों पर नाकेबंदी कर दी। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर चेकिंग शुरू करा दी, लेकिन दानिश का कोई सुराग नहीं लग सका।
एएसपी सुनीति का कहना है कि उन्होंने सभी जगह कड़ी चेकिंग शुरू करा दी है। रास्तों पर नाकेबंदी कर दी है, संभावित स्थानों पर पुलिस की टीमें भेजी गईं हैं। आसपास के एरिया की भी जांच कराई जा रही है। शीघ्र ही फरार दानिश को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।