व्यापारियों से रंगदारी वसूलने आए दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनका एक साथी भागने में कामयाब हो गया। मुख्य आरोपी मुजफ्फरनगर जेल में बंद है। वह वहीं से फोन पर व्यापारियों को धमकियां दे रहा था। जबकि, उसके गुर्गे रंगदारी वसूलने का काम कर रहे थे।
बता दें कि पिछले करीब एक माह से नगर के एक दर्जन से अधिक व्यापारियों से मुजफ्फरनगर जेल में बंद क्षेत्र के गांव खैरसाल निवासी बदमाश मोहन प्रधान फोन पर धमकियां देकर 10-10 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा था। इससे व्यापारियों में खौफ और दहशत का माहौल था।
व्यापारियों ने एसएसपी से मिलकर जान-माल की सुरक्षा की मांग की थी। इसके अलावा सर्वदलीय संघर्ष समिति के तत्वावधान में आहूत जन संवाद बैठक में भी बढ़ती आपराधिक वारदातों पर कड़ा रोष जताया गया था। दो व्यापारियों ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले के खुलासे और बदमाशों को पकड़ने के लिए एसएसपी ने कोतवाली प्रभारी पवन शर्मा के नेतृत्व में टीम का गठन कर उन्हें जल्द से जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि सभी पीड़ित व्यापारियों के मोबाइल सर्विलांस पर लगा दिए गए थे।सोमवार शाम मुखबिर की सूचना पर रंगदारी वसूलने आए दो बदमाशों को पुलिस टीम ने नानौता चौक पर पकड़ लिया। उनका एक साथी मौका पाकर भाग निकला।
पकडे़ गए बदमाशों गांव राजपुर लतीफपुर निवासी रविश कुमार पुत्र महेंद्र सिंह और नानौता थानांतर्गत गांव टिकरौल निवासी संजीव उर्फ सोनू पुत्र इलमचंद से दो मोबाइल बरामद किए गए। उक्त नंबरों की डिटेल में भी मुजफ्फरनगर जेल में बंद बदमाश मोहन के अलावा व्यापारियों से बात होना पाया गया।
बदमाशों को पकड़ने वाली टीम में कोतवाल के अलावा एसएसआई राजकुमार चंदेल और कांस्टेबिल अंकुर, शमीम एवं ज्ञानवीर शामिल रहे। एसओ ने बताया कि पकड़ा गया संजीव करीब तीन माह पूर्व नानौता चौक पर व्यापारियों पर कि गई फायरिंग के मामले में भी शामिल था।