सहारनपुर में प्रेम विवाह के बाद हाईकोर्ट का आदेश लेकर सुरक्षा मांगने गए एक प्रेमी को प्रेमिका के परिजनों ने दौड़ा लिया। वह जान बचाकर अफसरों के पास पहुंचा तो आरोप है कि उन्होंने भी हाईकोर्ट से ही सुरक्षा लेने की बात कहकर भगा दिया।
दहशतजदा पीड़ित ने अपनी हत्या की आशंका जताई है। पीड़ित मोहल्ला जनकनगर निवासी बाबूराम का कहना कि उसने शहर के ही एक मोहल्ले की युवती से प्रेम प्रसंग होने पर मंदिर में शादी कर ली।
शादी की जानकारी होते ही युवती के परिजन भड़क गए। वे उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दिला रहे हैं। उन्हें सहारनपुर छोड़ कर जाने के लिए कह दिया गया।
उन्होंने डीएम और एसएसपी से गुहार लगाई। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उसने हाईकोर्ट में सुरक्षा की अपील की। हाईकोर्ट ने डिस्ट्रिक्ट लेवल सिक्योरिटी कमेटी के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के आदेश दिए।
हाईकोर्ट के आदेश पर उसने डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी को प्रार्थना पत्र दिया। कुछ ही देर बाद महिला थाना प्रभारी ने उसे फोन करके युवती को बुलवाया। जब वह अपने साथ युवती को थाने लेकर पहुंचा तो वहां पहले से मौजूद युवती के परिजन एवं अन्य लोगों ने उस पर हमले की कोशिश की।
वह जान बचाकर डीएम और डिस्ट्रिक्ट लेवल सिक्योरिटी कमेटी के पास पहुंचा। बाबूराम का आरोप है कि डिस्ट्रिक्ट लेवल सिक्योरिटी कमेटी ने उसे यह कहकर भगा दिया कि हाईकोर्ट से आदेश लाए हो तो निर्णय भी वहीं से जाकर ले जो।
अफसरों के इस बर्ताव से वह काफी दहशत में है। उसने अपनी हत्या की आशंका जताई है।