एटीएम हैंग कर और मौका पाते ही लोगों का कार्ड बदलकर नगदी उड़ाने वाले गैंग के दो शातिर बदमाश एक युवक की सूझबूझ से दबोच लिए गए, जबकि मास्टरमाइंड भाग निकला। थाना सदर पुलिस ने दोनों से पूछताछ कर भाग चुके गैंग लीडर को पकड़ने की कोशिश शुरू कर दी है।
जिले के गांव सहजवी निवासी नवीन कुमार का पीएनबी में खाता है। वह 29 अगस्त को शहर आया था। नवीन कुमार के मुताबिक उसने खलासी लाइन में स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम से 15000 रुपये निकालने का प्रयास किया था, लेकिन मशीन हैंग होने के कारण वह लौट आया था। कुछ ही देर बाद उसके खाते से 15000 रुपये निकलने का मैसेज मिला तो वह हैरान रह गया। उसने बैंक अधिकारियों से संपर्क किया।
एटीएम कक्ष पर लगे सीसी कैमरे की फुटेज देखने पर पता चला कि उसके एटीएम कक्ष से जाते ही एक युवक ने मशीन चालू कर उसके खाते के 15000 रुपये निकाल लिए थे। यानी मशीन को हैंग किया गया था। तभी से वह युवक की तलाश में लगा था।
बुधवार को भी वह इसी सिलसिले में एटीएम कक्ष पर पहुंचा तो वही युवक अपने दो साथियों के साथ उसे वहां नजर आ गया। उसने अपने साथी के साथ मिलकर दो को तो पकड़ लिया, लेकिन तीसरा भागने में सफल रहा।
पकड़े गए दोनों बदमाशों को थाना सदर बाजार में लाकर पुलिस को सौंप दिया गया। इंस्पेक्टर एके सिंह ने बताया कि पकड़े गए शातिरों में एक चरथावल क्षेत्र के बिरालसी और दूसरा बल्ला माजरा निवासी शंकर है।
दोनों ने बताया कि वह तो केवल एटीएम के बाहर खड़े हो जाते थे। मशीन को हैंग करने या कई तरह के एटीएम कार्ड रखकर उन्हें बदलकर नगदी उड़ाने का काम आलमगीरपुर निवासी रवींद्र ही करता था। दोनों ने बताया कि रवींद्र एटीएम को हैंग कर उसे दुबारा चलाना जानता है, लेकिन उन्हें कुछ नहीं आता।
थाना प्रभारी एके सिंह ने बताया कि शातिरों को गिरफ्तार करने के बाद मास्टरमाइंड की तलाश शुरू की गई है। उसके मिलने पर इस खेल की पूरी कहानी सामने आएगी और यह पता चलेगा कि गैंग ने अब तक कितने लोगों को शिकार बनाया। पुलिस का मानना है कि ये शातिर चार पांच जगहों पर यह करामात कर चुके हैं।
इस तरह करते थे वारदात
किसी शख्स के एटीएम में पहुंचते ही गैंग लीडर रवींद्र कुमार पीछे-पीछे चला जाता था। इसी दौरान मशीन के बराबर में खड़ा होकर गुपचुप तरीके से दो या तीन बटन एक साथ दबाकर रखता था। मशीन हैंग होते ही परेशान व्यक्ति लौट जाता था और उसकी फीडिंग वाली नगदी बाद में निकाल ली जाती थी।
इस वारदात को अंजाम देते समय गैंग लीडर के दो या तीन साथी एटीएम के बाहर खड़े होकर यह देखते थे कि कोई दूसरा तो एटीएम की ओर नहीं जा रहा है। यदि ऐसा होता तो समय रहते इशारा कर दिया जाता था।
कुछ मामलों में मशीन हैंग करने वाला रिस्क न उठाकर यह गैंग कई तरह के एटीएम कार्ड लेकर पहुंचता था। इसमें एटीएम का प्रयोग ठीक से न जानने वालों को बहलाकर या मौका पाते ही कार्ड बदलकर नगदी उड़ाने का खेल किया जाता था।
एटीएम में जाएं तो सावधान हो जाएं
जब भी नगदी निकालें तो अकेले ही एटीएम कक्ष में रहें। कोई और आए तो उसे बाहर भेजें।
मशीन हैंग हो रही है या फिर वैल्यू फीडिंग के बाद नगदी फंस जाती है तो किसी भी बाहरी शख्स की मदद न लें। या तो गार्ड को बुलाएं या तत्काल किसी बैंक स्टाफ और अधिकारी को सूचित करें।
कोई शख्स यदि संदिग्ध नजर आता है तो भी उसके जाने के बाद गार्ड या बैंक को सूचित करें ताकि बाद में सीसी कैमरे में उसकी करामात को देखा जा सके।
किसी भी सूरत में अपना कार्ड किसी अनजान को न दें और न ही उसके पास मौजूद कार्ड से बदलने का मौका दें।
अनजान को मौका देंगे तो फंसेंगे
अग्रणी बैंक प्रबंधक अनिल भारतीय कहते हैं कि किसी अनजान को यदि एटीएम कक्ष में घुसने और फिर एटीएम या मशीन से छेड़छाड़ का मौका देंगे तो जरूर फंसेंगे। इसलिए मदद की जरूरत भी पड़े तो भी गार्ड या बैंक से ही संपर्क करें। किसी अन्य से नहीं। एटीएम हैंग कर नगदी उड़ाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसके लिए गार्डों को भी अलर्ट किया जाता रहा है।