सहारनपुर के बड़गांव में महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में निकाली जा रही शोभायात्रा को रोकने पर गांव शब्बीरपुर में जमकर बवाल हुआ। दलितों ने गांव से शोभायात्रा निकालने का विरोध किया और शोभायात्रा पर पथराव कर दिया।
शोभायात्रा पर पथराव की सूचना आसपास के गांवों के क्षत्रिय समाज के लोग भी वहां पहुंच गए। दोनों ओर से पथराव के साथ-साथ फायरिंग और तोड़फोड़ शुरू हो गई। इसमें शोभायात्रा में शामिल एक युवक की मौत हो गई।
इसके बाद बेकाबू हुए लोगों ने एक दर्जन घरों, भूसे के कूप एवं उपलों के बिटौड़ों, एक पुलिस कर्मी की स्कूटी सहित चार दुपहिया वाहनों में आग लगा दी। पुलिस की तीन जीपों और अन्य अन्य वाहनों में तोड़फोड़ की गईं।
हिंसा पास के गांव महेशपुर तक फैल गई और वहां भी दलितों की दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। इंस्पेक्टर देवबंद सहित दोनों पक्षों के दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं।
ग्राम शिमलाना में महाराणा प्रताप की जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में प्रदेश के मंत्री सुरेश राणा, शेर सिंह राणा, विधायक ब्रिजेश सिंह, हरियाणा के मंत्री श्याम सिंह राणा को मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचना था।
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ग्राम अंबेहटा चांद, मिर्जापुर, टपरी, शहजी के क्षत्रिय समाज के युवक एकत्रित हुए और शोभायात्रा में डीजे एवं बैंड बाजे लेकर बड़गांव, महेशपुर होते हुए ग्राम शब्बीरपुर से होकर शिमलाना की ओर जाने लगे।
जैसे ही शोभायात्रा ने गांव शब्बीरपुर में प्रवेश किया। दलितों ने शोभायात्रा का विरोध शुरू कर दिया। क्षत्रिय समाज के युवक नहीं माने तो दलितों ने पथराव शुरू कर दिया। जिससे भगदड़ मच गई, कई लोग घायल हो गए।
जैसे ही पथराव की सूचना शिमलाना एवं आसपास के अन्य गांवों को मिली, क्षत्रिय समाज के युवक लाठी, डंडे, तलवारें लेकर गांव में पहुंच गए और चारों ओर से घेरकर गांव में घुसने का प्रयास किया।
जिस पर दलितों ने फिर से पथराव कर दिया और संघर्ष शुरू हो गया। दोनों ओर से जमकर मारपीट, तोड़फोड़ शुरू हो गई। घटना में रसूलपुर निवासी सुमित पुत्र ब्रह्मसिंह की मौत हो गई।
अनिल कुमार, नरेश, संत कुमार, कमला समेत एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। इसके बाद क्षत्रिय समाज के आक्रोशित लोगों ने गांव के चारों ओर बने घरों, भूसे के कूपों और उपले के बिटौड़ों में आग लगानी शुरू कर दी।
लगभग एक दर्जन घरों से आग की लपटें उठने लगीं, हालांकि जिन घरों में में आग लगाई गई, वह खाली पड़े हुए थे। रामपुर मनिहारन, गागलहेड़ी और बड़गांव पुलिस की जीपें तोड़ दी गईं। बड़गांव थाना में तैनात सिपाही अजय कश्यप की स्कूटी में आग लगा दी गई।
मौके पर तीन बाइकें जली मिलीं। एक दर्जन बाइकों में तोड़फोड़ की गई। घरों में घुसकर भी बवालियों ने उत्पात मचाया। सूचना मिलते ही जिले भर की पुलिस, पीएसी एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
विरोध के बावजूद किसी प्रकार फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को गांव तक पहुंचाया गया और आग पर काबू पाया गया। इसके बाद उपद्रवियों ने महेशपुर में जमकर उपद्रव किया। आधा दर्जन दुकानों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उपद्रवियों को खदेड़ा। इस मौके पर आईजी अजय आनंद, डीआईजी जेके शाही, डीएम नागेंद्र प्रताप सिंह और एसएसपी सुभाष चंद दुबे मौके पर पहुंचे और समझाबुझाकर किसी प्रकार मामला शांत कराया। आईजी ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली।