11 महिलाओं सहित 22 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
बेहट (सहारनपुर)। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण की रिहाई की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को तहसील में मैन गेट बंद कर नारेबाजी एवं हाईवे जाम करने के मामले में पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की है।
एक एफआईआर उपनिरीक्षक और दूसरी तहसील के नायब नाजिर की तरफ से दर्ज की गई है। उपनिरीक्षक द्वारा दर्ज की गई तहरीर में 11 महिलाओं समेत भीम आर्मी से जुड़े 22 लोगों को नामजद कयिा गया है, जबकि नायब नाजिर ने 11 महिलाओं के खिलाफ तहसील कार्यालय का मैन गेट बंद करने, सरकारी कार्यालयों में जोर-जोर से नारेबाजी करने व सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है।
उपनिरीक्षक हरिओम शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर
धारा 144 का उल्लंघन करते हुए हंगामा, नारेबाजी, प्रदर्शन और हाईवे जाम करने के आरोप में उपनिरीक्षक हरिओम शर्मा द्वारा 11 महिलाओं समेत भीम से जुड़े 22 लोगों को के खिलाफ कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिनमें भीम आर्मी के उपाध्यक्ष विनोद गौतम निवासी गांव शेखपुरा, रवि निवासी गांव चाटकी, सोनू कुमार निवासी साढ़ौली भूड़, हुकम सिंह पुत्र अशोक निवासी गांव जानीपुर रहना थाना मिर्जापुर, डॉ. प्रमोद निवासी गांव पथरवा, संजीव पुत्र रमेश एवं सपना पुत्री मान सिंह निवासी गांव कलसिया, विपिन पुत्र अशोक निवासी गांव उसंड़, विशाल पुत्र शीशपाल निवासी मोहल्ला खालसा एवं रविंद्र पुत्र इसम सिंह निवासी मोहल्ला महाजनान बेहट, सचिन पुत्र प्यारेलाल, अजय पुत्र बलराज, सुमन पत्नी सोमपाल, प्रियंका पुत्री नरेश सिंह, रूचि पुत्री नाथीराम निवासीगण गांव आलमपुर थाना मिर्जापुर, अंजू पुत्री श्याम कुमार, सपना कर्णवाल पुत्री नाथीराम, पूनम पत्नी स्वर्गीय नवीन उर्फ जीतू, शकुंतला पत्नी मुल्कीराज सभी निवासी गांव मांझीपुर कोतवाली बेहट, स्नेहलता पुत्री मेघराज निवासी बादशाहीबाग थाना मिर्जापुर, सुनीता पत्नी विनोद कुमार, ममता पत्नी अजब सिंह निवासी गांव अब्दुल्लापुर शामिल हैं।
नायब नाजिर ने दर्ज कराई गई एफआईआर
दूसरी एफआईआर तहसील बेहट के नायब नाजिर फरहान महमूद द्वारा दर्ज कराई गई है। उनका आरोप है कि धारा 144 लागू होने के बाद भी तहसील कार्यालय का मैन गेट बंद किया गया और सरकारी कार्यालयों में जोर-जोर से नारेबाजी की गई, सरकारी कार्यों में बांधा उत्पन्न की गई। इस मामले में उनके द्वारा तहरीर में उन महिलाओं को नामजद किया गया जिनके एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन पर हस्ताक्षर व अंगूठे थे। इन महिलाओं में सुनीता देवी, सीमा, पुुष्पा, ममता, पूनम, ममता, सीता, शिवानी, रूबी और बबीता शामिल हैं।