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सुशील गाबा के जमानती को हिरासत में लेने पर हंगामा

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सहारनपुर। जमानत पर रिहा होने के बाद भूमिगत हुए हिस्ट्रीशीटर सुशील गाबा को जब पुलिस नहीं पकड़ पाई तो उसकी जमानत लेने वाले को ही पकड़ लिया और थाना में ले जाकर बैठा दिया। सूचना मिलते ही भाजपा के पूर्व विधायक राजीव गुंबर लोगों के साथ कोतवाली सदर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। जिसके बाद पुलिस को बैकफुट पर आते हुए जमानती को छोड़ना पड़ा। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि किसी की जमानत देना कोई अपराध नहीं है। पुलिस ने चिराग को गलत तरीके से पकड़ा था। जिस कारण उन्होंने पैरवी की है।
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करोड़ों रुपये के भूमि घोटाले, धोखाधड़ी के आरोपी हिस्ट्रीशीटर सुशील गाबा को पुलिस ने 22 अक्तूबर 2017 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सुशील गाबा को पुलिस और प्रशासन ने भूमाफिया की सूची में भी शामिल कर दिया। इस दौरान सुशील गाबा ने अपनी जमानत के प्रयास शुरू कर दिए। जबकि पुलिस अधिकारियों ने उस पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई शुरू कर दी। लेकिन सदर कोतवाली ने गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की फाइल को दस दिन तक दबाए रखा। सदर पुलिस सुशील गाबा के जमानत पर बाहर जाने का इंतजार करती रही। जैसे ही 15 मार्च को सुशील गाबा जेल से बाहर निकल गया। सदर कोतवाली पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर दी। जिस पर सदर पुलिस की नीयत पर सवाल खड़े हो गए। अपनी फजीहत होते देख तिलमिलाई सदर कोतवाली पुलिस ने सुशील गाबा को गिरफ्तार करने का दिखावा करना शुरू कर दिया। उसके आवास पर दबिश दी गई। जबकि सदर पुलिस को पहले से ही मालूम था कि वह शहर तो क्या जिले से भी बाहर जा चुका है। यह जानकारी रिहाई के बाद पुलिस अधिकारियों ने ही दी थी। पुलिस अधिकारियों ने सदर कोतवाली पुलिस को आड़े हाथों लिया तो पुलिस ने मंगलवार को सुशील गाबा के जमानती को ही घर से उठवा लिया। पुलिस नुमाइश कैंप निवासी चिराग जुनेजा को हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई। यह जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक राजीव गुंबर एवं अन्य लोग एकत्रित होकर मंगलवार की रात में सदर कोतवाली पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि चिराग ने कोर्ट में जमानत दी है। इससे जमानती तो अपराधी नहीं है। किसी दूसरे मामले में बाद में वांछित है तो पुलिस सुशील गाबा को गिरफ्तार करे। पुलिस बेवजह जमानती को परेशान कर रही है।
--। जमानत तुड़वाकर सुशील गाबा को गिरफ्तार करेगी पुलिस
नगर पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि जमानती को पुलिस ने हिरासत में लिया था। जमानती पर जिम्मेदारी होती है कि जब भी पुलिस को जरूरत हो आरोपी को जमानती पेश करे। फिलहाल जमानती को जमानत वापस लेने के आश्वासन पर छोड़ा गया है। सुशील गाबा की जमानत तुड़वाकर उसे फिर से गिरफ्तार किया जाएगा।
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