रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। छह दिन पूर्व लंढौरा गुर्जर गांव में फांसी के फंदे पर पेड़ पर लटके मिले मेहरबान ने आत्महत्या नहीं की थी। बल्कि उसके बड़े भाई ने जमीन के अधिग्रहण के मिले रुपयों के लालच में ही अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर उसकी हत्या कर इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को पेड़ पर लटका दिया था। पुलिस ने हत्यारोपी भाई और उसके रिश्तेदार को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया है।
बता दें कि रामपुर मनिहारान थाने के गांव लंढौरा गुर्जर में 21 अगस्त को एक पेड़ पर गांव के ही मेहरबान उर्फ बाबू पुत्र इदरीश का शव लटका मिला था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबा कर हत्या किए जाने की बात आने के बाद पुलिस इस हत्याकांड के खुलासे में लगी थी। सोमवार को थाना पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए मृतक मेहरबान के भाई इमरान पुत्र इदरीश गांव लढौरा गुर्जर व नवाब पुत्र मेंहदी हसन निवासी गांव ताताहेडी थाना गंगोह को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि इदरीश और मेहरबान की जमीन सहारनपुर के चारो ओर बनाए जा रहे रिंग रोड पर आ गई थी। इसका 16 लाख रुपये का मुआवजा मिला था। जमीन दोनो भाईयों के नाम होने के कारण मुआवजे की रकम भी दोनो के खातों में आई थी। मेहरबान की शादी नहीं हुई थी। ऐसे में इमरान की नियत उसके हिस्से की रकम पर आ गई। उसने योजना बनाई कि यदि वह मेहरबान की हत्या कर देगा तो उसके हिस्से की रकम भी उसे ही मिल जाएगी। इसके बाद उसने अपने रिश्तेदार नवाब के साथ मिलकर घटना वाले दिन मेहरबान को बहाने से खेत पर बुलाकर उसकी गला दबा कर हत्या कर दी और शव को पेड़ पर लटका कर आत्म हत्या दिखाने का प्रयास किया। पुलिस ने दोनों का चालान कर दिया है।