बवाल के कारण मौके पर तैनात पुलिसबल।
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सहारनपुर में ठेकेदार द्वारा की गई पिटाई के बावजूद गुलबहार ने अम्मी खैरुनिशा से शिकायत नहीं की। उसे डर था कि कहीं अम्मी भी आम चोरी करने की वजह से उसकी पिटाई न कर दे।
ऐसे में वह शरीर में आई अंदरूनी चोटों के दर्द को दिल में ही लिए फिरता रहा। जब दर्द बर्दाश्त न हुआ तो अम्मी से तबियत बिगड़ने की बात कही। अम्मी ने बुखार समझकर झोलाछाप चिकित्सक से दवा दिलवा दी,
मगर बेदर्दी दर्द को भी उस ठेेकेदार की ही तरह उस मासूम पर तरस नहीं आया और उसकी जान लेकर ही माना। अम्मी खैरुनिशा ने बताया कि मंगलवार की रात गुलबहार ने शरीर में दर्द होने की वजह से तबीयत खराब होने की बात कही थी।
ऐसे में उसे स्थानीय चिकित्सक से दवा दिलवा दी गई थी, मगर उससे भी गुलबहार को आराम नहीं मिला। ऐसे में वह रातभर तड़पता रहा। रात में करीब एक बजे उसने अम्मी को बताया कि उसे ठेकेदार फुरकान ने पिटा था, क्योंकि वह बाग से आम तोड़ने गया था।
यह बताने के करीब एक घंटे बाद यानी रात दो बजे गुलबहार ने दम तोड़ दिया। इससे परिजनों मेें कोहराम मच गया। रोने की आवाज सुनकर मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए।
जिसने भी बच्चे की मौत की वजह सुनी वही गुस्से से भर गया। सुबह सात बजे तक लोग अपने गुस्से को रोक नहीं सके और बाग में ठेकेदार के ठिकाने पर हमला बोल दिया। करीन तीन सौ लोगों की भीड़ ने बाग में बवाल मचाया। एसपी सिटी और एएसपी ने किसी तरह भीड़ को शांत किया।