देवबंद (सहारनपुर)। हत्या, अपहरण का प्रयास और रंगदारी जैसे संगीन मामलों में देवबंद जेल में बंद कुख्यात सुशील गुर्जर हिस्ट्रीशीट खोली गई है। जिसके बाद देवबंद पुलिस ने उसके अपराधों की हिस्ट्री खोल दी है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में संगीन वारदातों को अंजाम देकर आतंक का पर्याय बने मिरगपुर गांव निवासी सुशील गुर्जर को शासन ने हिस्ट्रीशीटर घोषित किया है। इसके साथ ही कोतवाली पुलिस ने उसके अपराधों को हिस्ट्रीशीट भी खोल दी है। कोतवाली के रिकॉर्ड के मुताबिक सुशील गुर्जर पर वर्ष 2002 में मंगलौर में हत्या, वर्ष 2005 में लक्सर में हत्या और अन्य मामले, 2006 में लक्सर में ही हत्या, जानलेवा हमला, वर्ष 2007 में रुड़की में मारपीट, वर्ष 2007 में लक्सर में गैंगस्टर एक्ट, वर्ष 2014 में गंगनहर रुड़की में हत्या और जानलेवा हमला, वर्ष 2014 में ही रुड़की गंगनगर में गैंगस्टर एक्ट, वर्ष 2015 में डोइवाला देहरादून में आर्म्स एक्ट, वर्ष 2015 में देवबंद में कई मामले दर्ज हैं। वर्तमान में सुशील गुर्जर देवबंद उपकारागार में बंद है। जबकि इससे पूर्व वह हरिद्वार की रानीपुर जेल में बंद रह चुका है। रानीपुर जेल में रहने के दौरान सुशील गुर्जर ने रुड़की के एक कुख्यात बदमाश पर जानलेवा हमला किया था। जिसमें वह बाल बाल बच गया था। इसके बाद ही सुशील को देवबंद जेल में शिफ्ट किया गया था। पुलिस के मुताबिक हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद कोतवाली के एक एसआई को उस पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी की गई है। इतना ही नहीं यदि सुशील गुर्जर जेल से बाहर आता है तो उसे प्रत्येक माह कोतवाली में आकर हाजिरी लगानी होगी।