थाना जनकपुरी क्षेत्र के गांव पाडली खुशहालपुर में 10-12 बदमाशों ने सोमवार की रात तीन भाइयों के परिवारों को हथियारों के बल पर आतंकित कर डकैती डाली। पीड़ितों के अनुसार बदमाश करीब 25 लाख रुपये की ज्वैलरी, दो लाख से अधिक की नगदी और अन्य कीमती सामान ले गए।
बदमाशों के जाने पर पीड़ितों का शोर सुनकर आए ग्रामीणों ने बदमाशों की काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। मंगलवार को एसएसपी, एसपी सिटी और सीओ ने मौके पर जाकर पीड़ित परिवार से वारदात की जानकारी ली।
पीड़ितों के अनुसार सोमवार की रात करीब एक बजे बदमाश दीवार फांदकर एक घेर में घुसा और गेट की कुंडी को तोड़कर बाहर खड़े बाकी बदमाशों को अंदर घुसा लिया। वहां लियाकत और उसका भाई असलम सोए हुए थे, जिन्हें जगाने के बाद बदमाशों ने आतंकित कर चुप कर दिया।
बदमाशों ने असलम को बांध कर वहीं डाल लिया और एक बदमाश तमंचा लिए खड़ा रहा। बाकी बदमाश लियाकत को लेकर उसके भाई साजिद के घर में घुस गए। यहां उन्होंने परिवार को जगाते हुए शाहबाज और लियाकत के दूसरे भाई साजिद को बंधक बना लिया और उनके पास भी बदमाश खड़े कर दिए।
इसके बाद बदमाश तीसरे भाई असलम के घर में घुस गए। वहां बदमाशों ने अमजद और अरशद दो भाइयों को बंधक बना लिया। इसके बाद बदमाशों ने कमरों के ताले तोड़कर उनमें रखी अलमारियों से करीब 25 लाख रुपये के जेवर, दो लाख रुपये से अधिक की नगदी और कुछ कीमती सामान लूट लिया।
बदमाश करीब पौन घंटे तक तीनों भाइयों के मकानों को खंगालते रहे। सामान समेटने के बाद बदमाश जिस गेट से घुसे थे उसी से बाहर निकल गए। बदमाशों के जाने के बाद पीड़ितों का शोर सुनकर गांव में जाग हो गई। लोगों ने बदमाशों की तलाश भी की, लेकिन वे हाथ नहीं आए। तभी पुलिस को सूचना दी गई।
जिस पर थाना जनकपुरी पुलिस रात पौने तीन बजे ही गांव पहुंच सकी थी। तड़के करीब चार बजे सीओ (द्वितीय) अमित नागर और सुबह करीब आठ बजे एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से बात कर वारदात की जानकारी ली तथा और वारदात का जल्द खुलासा करने का आश्वासन दिया।
मंगलवार की पूर्वाह्न करीब पौने 12 बजे एसएसपी आरपीएस यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने करीब पौन घंटा पीड़ित परिवार के सदस्यों से बात कर जानकारी ली और मौका मुआयना किया। एसएसपी ने पीड़ित परिवार को वारदात के जल्द खुलासे का आश्वासन दिया।
हरियाणवी बोल रहे थे बदमाश ः पीड़ित परिवार ने बदमाशों की संख्या 10-12 बताई है। बताया कि ज्यादातर ने चेहरे पर कपड़ा बांधा हुआ था जबकि कुछ के चेहरे खुले थे, उन्होंने पहले ही बाहर की सभी लाइटें बंद कर दी थी।
इनमें से जिनके चेहरे खुले थे वे बार-बार यह भी पूछ रहे थे कि पहचाना कौन हैं हम? बंधक बनाए गए शाहबाज ने बताया कि बदमाश हरियाणवी बोल रहे थे। ऐसे में हो सकता है कि बदमाश हरियाणा के हो सकते हैं या हरियाणा से सटे जिले के गांवों के।
महिलाओं के साथ तमीज से पेश आए बदमाश
बदमाशों ने उनकी घर की महिलाओं और लड़कियों के साथ कोई बदसलूकी नहीं की। शाहबाज ने बताया कि बदमाश महिलाओं को माता जी और बहनजी कहकर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने वारदात के दौरान महिलाओं और लड़कियों को एक साइड रहने को कहा था। साथ ही उन्होंने किसी भी व्यक्ति को तमाचा तक नहीं मारा।
चार बहुओं के जेवर और सामान ले गए
बदमाश लियाकत, असलम और साजिद के परिवार की चार बहुओं की जेवर और कीमती सामान ले गए। शाहबाज ने बताया कि करीब दो महीने पहले उसके भाई अमजद की शादी हुई थी, जिसका जेवर और शादी का कीमती सामान घर में रखा था।
इसके बाद गत सात अप्रैल को शाहबाज की शादी हुई है। उसकी शादी का जेवर और सामान भी घर में रखा था। इसके अलावा पहले से घर में आई दो अन्य बहुओं के जेवर और सामान भी बदमाश ले गए हैं।
बच्चों के स्कूल बैग में भरकर ले गए सामान
बदमाश घर में रखे सामान के बैग और बच्चों के स्कूली बैग को खाली कर उन्हीं में जेवर, नगदी और अन्य कीमती सामान ले गए। पीड़ित परिवार के अनुसार बदमाश कई बैग भरकर सामान ले गए हैं। घर में खड़ी चार बाइकें भी वे ले जाना चाहते थे, मगर उस तरफ का गेट बंद था।
बच्ची के पैर से पायल भी निकाल ले गए बदमाश
बदमाशों ने तीन साल की बच्ची नबिया के पैरों में चांदी की पायल भी नहीं छोड़ी। शाहबाज ने बताया कि बच्ची के पैरों में पायल देखने के बाद एक बदमाश ने उसके पैरों से पायल भी उतार ली। इसके अलावा घर की महिलाएं अपने कुंडल बचाने के लिए अपने कान से कुंडल उतार ही रही थी, जिन्हें एक बदमाश ने देख लिया। इसके बाद बदमाशों ने कुंडल भी ले लिए।
नौगजा पीर तक आया डॉग स्क्वॉयड ः वारदात के बाद गांव पहुंची पुलिस की स्क्वायड डॉग को भी साथ लेकर पहुंची थी। डॉग बदमाशों के पैरों के निशानों को सूंघता हुआ नौगजा पीर तक आया। इसके बाद कई घंटे तक पुलिस नौगजा पीर के आसपास ही जांच में जुटी रही, जिससे कोई सुराग मिल जाए लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी।
पीड़ित परिवार से मिले विधायक ः बसपा विधायक जगपाल सिंह मंगलवार की दोपहर करीब एक बजे गांव पाडली खुशहालपुर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर मदद का आश्वासन दिया। उनसे पहले सपा के मोहम्मद अब्दुल वाहिद, अब्दुल गफूर समेत कई नेता गांव पहुंचे थे।
वारदात के बाद लियाकत सहमा ः वारदात के बाद से लियाकत सहमा हुआ है। दिन में पहुंची पुलिस, मीडियाकर्मियों और नेताओं से भी लियाकत ने बात नहीं की। शाहबाज ने बताया कि वह रात से ही डरे हुए हैं और बात करने की स्थिति में नहीं हैं। उसे नुकसान का भी सदमा लगा है।