अवैध खनन पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए जिलाधिकारी ने 18 पट्टाधारकों के खिलाफ 241 करोड़ रुपये का रिमाइंडर नोटिस जारी किया है। बसपा एमएलसी सहित पट्टाधारकों के खिलाफ की गई कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। पांच साल पहले चिह्नित किए गए अवैध खनन में 2015 में रिकवरी नोटिस जारी किया गया था। उसी मामले में डीएम ने रिमाइंडर नोटिस जारी किया है।
वर्ष 2012 में बेहट क्षेत्र में 18 पट्टों के आसपास अवैध खनन चिह्नित किया गया था। पट्टाधारकों के खिलाफ 2015 में प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया है। इसमें 241 करोड़ रुपये के राजस्व हानि का उल्लेख करते हुए पट्टाधारकों पर पेनाल्टी तय की गई थी।
समय बीतने के साथ ही किसी तरह की रिकवरी नहीं हुई। सीबीआई जांच से पहले डीएम पीके पांडेय ने पांच साल में हुए अवैध खनन और कार्रवाई की समीक्षा की तो कई गड़बड़ियां सामने आई थीं। अवैध खनन से जुड़े करीब 437 मामले पकड़े गए थे।
इसी आधार पर डीएम ने पट्टाधारक बसपा एमएलसी महमूद अली, विकास अग्रवाल, अमित जैन, नसीम और वाजिद अली के 18 पट्टों पर 241 करोड़ रुपये का रिकवरी नोटिस जारी किया है। माना जा रहा है कि अवैध खनन के और नोटिस भी जारी होंगे।
जिला खनन अधिकारी पीके सिंह ने बताया कि दो साल पहले नोटिस जारी हुआ था। उसका जवाब पट्टाधारकों की ओर से नहीं आया। जिस पर हमने रिमाइंडर नोटिस जारी कर तहसील में रिकवरी के लिए भेज दिया गया है।