सहारनपुर। चरथावल से एटीएस द्वारा गिरफ्तार किया गया अब्दुल्लाह देवबंद को बांग्लादेशियों की शरणस्थली बनाने में जुटा हुआ था। उसने बांग्लादेश के ही देवबंद में रह रहे फैजान के माध्यम से दर्जनों फर्जी आईडी, पासपोर्ट बनवा लिए थे। उसने कितने लोगों को अब तक यहां पर बुला लिया है इसकी एटीएस जांच कर रही है।
लगभग छह वर्ष पूर्व बांग्लादेश से आया अब्दुल्लाह अल मॉमून देवबंद में फैजान के यहां किराए पर रह रहा था। बांग्लादेशी आतंकी संगठन से जुड़ा फैजान भी कई वर्ष पहले बांग्लादेश से ही आकर यहां रह रहा था। अब्दुल्लाह ने फैजान के माध्यम से कुछ लोगों से जान पहचान की। उसने अपनी आईडी बनवाई और आईडी से ही फर्जी पासपोर्ट बनवा लिया। उसके बाद उसने अन्य लोगों के भी फर्जी पासपोर्ट एवं आईडी बनवानी शुरू कर दी। विशेषकर उसने बांग्लादेश के लोगों की फर्जी आईडी और पासपोर्ट बनवाए। कुछ लोगों को उसने देवबंद भी बुला लिया। एटीएस और एसटीएफ अब ऐसे लोगों की तलाश में लग गई है। देवबंद से ही तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। शामली से भी दो लोगों को उठाया है।
अब्दुल रहमान की है दर्जी की दुकान
एटीएस द्वारा देवबंद से पकड़ा गया एक संदिग्ध भागलपुर बिहार का अब्दुल रहमान इकराम मंजिल में ही किराए पर रह रहा था और उसमें ही दर्जी की एक दुकान खोल ली थी। रहमान ने वक्फ दारुल उलूम से ही दीनी तालीम दौरा ए हदीस (कक्षा 9) की। उसके बाद वह अपने घर चला गया। घर से आकर उसने दर्जी की दुकान खोल ली। बाद में उसका भाई मुबारिक भी अपने परिवार के साथ आकर यहां आकर रहने लगा।