सहारनपुर। एक सप्ताह पूर्व नागल के एक गांव से अपहृत दो बहनों को बरामद करने के नाम पर पीड़ितों के परिजनों ने दरोगा पर पचास हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है। इसके बाद दोनों बहनों को बाल सुधार गृह भेज दिया। आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की तो पीड़ितों को ही जेल भेजने की धमकी दे दी। परिजनों ने डीआईजी को ज्ञापन देकर आरोपी को गिरफ्तार किए जाने और मामले की जांच कराए जाने की मांग की है।
नागल थाना के एक गांव निवासी ने कहा है कि 31 जुलाई को क्षेत्र के ही एक इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली उसकी छोटी बेटी घर से स्कूल के लिए गई थी, फिर वापस नहीं लौटी। दोपहर को बड़ी लड़की भी घर से कहीं चली गई। दोनों बेटियों के लापता होने के बाद परिवार ने तलाश की तो पता लगा कि छोटी बेटी को कस्बा नागल निवासी शिवम के साथ जाते देखा गया है। उसने आरोप लगाया कि शिवम ने अपने साथियों की मदद से उसकी बेटियों को अगवा कर लिया। थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उसका आरोप है कि थाने में तैनात एक दरोगा ने उसकी दोनों बेटियों की बरामदगी के नाम पर 50 हजार रुपये ले लिए। पुलिस ने आरोपी शिवम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने दोनों बेटियों को किसी अन्य जगह से बरामद दिखाकर बिना उन्हें सूचना दिए चुपचाप बाल सुधार गृह भिजवा दिया गया। पुलिस अन्य आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। जब उन्होंने दूसरे आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की तो उल्टा उन्हें ही जेल भेजने की धमकी दी गई। पीड़ित व्यक्ति ने डीआईजी ज्ञापन देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने, विवेचक बदलवाने और आरोपी दरोगा के खिलाफ जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।