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मसखरा नदी के पुल से लोहे की प्लेट चोरी, खतरा बढ़ा

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मसखरा नदी के पुल से लोहे की प्लेट चोरी, खतरा बढ़ा
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चिलकाना (सहारनपुर)। चिलकाना-गंदेवड मार्ग पर गांव धौलाहेड़ी के पास बहने वाली मसखरा नदी पर बने लोहे के अस्थाई पुल से किसी ने लोहे की प्लेट चोरी कर ली। इस कारण इस पुल पर हादसों का खतरा बढ़ गया है।
बता दें कि मसखरा नदी पर बने पुल को वर्ष 2007 में लोकनिर्माण विभाग तथा सेतु निगम ने कमजोर घोषित कर दिया था। पुल के दोनों तरफ लोहे के पिलर खडे़ करके भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया गया था। उस समय इस पुराने पुल से भारी मात्रा में खनन जनपद के अन्य स्थानों पर जाता था। इसलिए पुराने पुल के बराबर में एक लोहे का पुल बना दिया गया था। लोहे के पुल को गार्डर पर खड़ा कर, उस पर लोहे की प्लेट लगा दी गई थी।
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इस पुल के ऊपर से करीब 100 क्विंटल से लेकर 400 क्विंटल भार के वाहन गुजरते हैं। भारी वाहनों के कारण 10 सालों में ही लोहे का पुल कमजोर हो गया है। पुल पर डाली गई लोहे की प्लेट भी टूटती रहती है। पुराने पुल के स्थान पर नए पुल को बनवाने के लिए स्थानीय विधायक डा. धर्म सिंह सैनी विधानसभा में यह मुद्दा उठा चुके है, लेकिन अभी तक स्थितियां ज्यों की त्यों है।
इसी हालात के बीच अब पुल की लोहे की प्लेट चोरी होने से चिंता बढ़ गई है। प्लेट चोरी होने की सूचना पर इस मार्ग से जुड़ी बस यूनियन के सीपी शर्मा, यूसुफ कुरैशी, जलाल अहमद, हाजी हुसैन आदि मसखरा नदी के पुल पर पहुंचे तथा तथा पुल की स्थिति को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को अवगत कराया।
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उन्होंने बताया कि इस पुल के टूटने से खादर क्षेत्र के सैकड़ों गांव प्रभावित है तथा हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड जाने वाले वाहनों कर भी परेशानी उठानी पड़ रही है। यमुना खादर कल्याण समिति के अध्यक्ष ओमी पंवार, सचिव सुमेर चंद कपिल, ग्राम प्रधान विनोद कुमार, निर्दोश चौधरी, संजय कुमार, महमूद, रामकुमार आदि ने जिला प्रशासन से मसखरा नदी पर नया पुल बनवाने तथा पुराने पुल की मरम्मत कराने की मांग की है।
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