सहारनपुर में कार्पोरेशन बैंक में डकैती डालने से पहले बदमाशों ने शहर की कई बैंकों में जाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। 17 दिन पहले से रेकी शुरू कर दी गई। बाद में कार्पोरेशन बैंक को चुना गया।
पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए डकैती के पांच आरोपियों ने रास्तों और बैंकों की रेकी करने का खुलासा कर बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। बैंकों की व्यवस्था को देखकर डकैत किसी भी बैंक में डकैती डालने में पूरी तरह से आश्वस्त थे।
एसएसपी मनोज तिवारी के मुताबिक पूछताछ में बदमाशों ने बताया है कि 17 दिन पहले से ही बैंकों की रेकी शुरू कर दी गई थी। पहले शहर के अन्य बैंकों की रेकी गई। बाद में डकैती के लिए कार्पोरेशन बैंक को चुना।
उन्होंने बताया कि वे उसी बैंक को डकैती को चुनते थे, जिनमें या तो गार्ड नहीं होता था, या फिर गार्ड से बैंकों के दूसरे काम कराए जाते हैं। गार्ड के पास बंदूक या राइफल है। सायरन बजता है या नहीं, सीसीटीवी कैमरों की क्या स्थिति है और कहां उसका मेन रूम है।
पूरी तरह से रेकी करने के बाद उन्होंने कार्पोरेशन बैंक को डकैती के लिए चुना। यही नहीं वहां से भाग निकलने के लिए सभी रास्तों की भी रेकी की गई। डकैती के बाद बदमाश बाइकों से फरार हुए और रामपुर मनिहारन होते हुए रोहाना में बार्डर पर खड़ी टवेरा गाड़ी में बैठकर भाग गए।
विनीत मिश्रा ने बताया कि डकैती करने के बाद जंगल में जाकर उन्होंने रुपयों का बंटवारा किया। हरेक के हिस्से में 2 लाख 70 हजार रुपये आए। 55 हजार रुपये खर्च में आए।
बदमाशों ने कार्पोरेशन बैंक में डकैती में बहुत तेजी दिखाई। मात्र 5 मिनट 42 सेकेंड में 18 लाख रुपये की डकैती डालकर फरार हो गए।
एटा की 96 लाख की लूट में शामिल था छंगा
एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया कि पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया रविंद्र उर्फ छंगा एटा में बैंक में 96 लाख रुपये और 500 ग्राम सोने की लूट में शामिल था। शाहजहांपुर में बैंक आफ बड़ौदा में हुई लूट में भी छंगा शामिल रहा।