सहारनपुर। अधोमानक खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने जांच में खाद्य पदार्थों का नमूना फेल होने पर आठ विक्रेताओं पर करीब दो लाख 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
एडीएम एसके दूबे ने बताया कि रामपुर मनिहारान के गांव बुढ्ढाखेड़ा के दूध कारोबारी मामचंद और नौमान का मिश्रित दूध जांच में अधोमानक पाया गया। इन दोनों पर उन्होंने 30-30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अब्दुल वासित की दुकान से लिए गए नमक के सैंपल भी मिस ब्रांडेड पाए जाने पर उस पर 50 हजार रुपये का जुर्मानालगाया गया। रणजीत की दुकान से जांच के लिए लिया गए बिस्कुट और नमकीन के नमूने भी मिस ब्रांडेड पाए गए, जिस पर दोनों मामलों में अलग-अलग 25-25 हजार का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने बताया कि हलवाई हट्टा के प्रणव की दुकान से लिया गया मावा का नमूना भी जांच में अधोमानक मिला। इस मामले में मावा विक्रेता पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। इसी प्रकार कांकरकुई के अधोमानक पाए जाने पर दूध कारोबारी कामिल पर 15 हजार और अंबेहटा के दूध व्यवसायी कामिल पर भी 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
छह को किया जिला बदर
सहारनपुर। अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसके दूबे ने शांतिभंग की आशंका में छह लोगों को नवंबर माह में जिला बदर किया गया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत थाना बेहट के गांव दबकौरा निवासी मोबीन पुत्र अलीशेर और गांव मांझीपुर जगदीश पुत्र रणजीत को जिला बदर किया गया है। इसी प्रकार थाना मिर्जापुर के गांव रायपुर निवासी महबूब उर्फ बुल्ला थाना नकुड के ग्राम टाबर के जोगेंद्र पुत्र सतपाल, थाना चिलकाना के गांव दुमझेड़ा के नदीम पुत्र सत्तार और थाना फतेहपुर के ग्राम कमाली निवासी रवि पुत्र ऋषिपाल को नवंबर महीने में जिला बदर किया गया है।