सहारनपुर। एलआईयू और स्पेशल ब्रांच की सजगता से पुलिस और प्रशासन को भीम आर्मी जिलाध्यक्ष कमल वालिया के छोटे भाई सचिन वालिया की मौत के मामले में बचाव का बड़ा रास्ता मिल गया। सड़क पर खून की बूंदें और फिर सड़क को धोने की तस्वीर फुटेज में साफ नजर आ रही है। इसी आधार पर पुलिस रामनगर स्थित आंबेडकर चौक पर गोली मारे जाने की कहानी पर सवाल उठा रही हैं।
महाराणा प्रताप की जयंती कार्यक्रम के मद्देनजर बुधवार सुबह से ही रामनगर क्षेत्र में सड़क के दोनों तरफ पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों की ड्यूटी लगाई थी। एलआईयू और स्पेशल ब्रांच का अमला भी उसी इलाके में सक्रिय था। साढ़े ग्यारह बजे के करीब एक महिला गोली लगने की बात कहते हुए निकली तो वहां मौजूद एलआईयू इंस्पेक्टर मंजूर अली और स्पेशल ब्रांच के कांस्टेबल हरेंद्र सिंह भी उधर की तरफ चल दिए। उनके सामने ही घायल सचिन वालिया को कार से अस्पताल ले जाया गया। इसी बीच कुछ महिलाएं और बच्चे सड़क पर पड़े खून की बूंदों को पानी डालकर धोने का प्रयास करने लगे। एलआईयू इंस्पेक्टर ने सक्रियता दिखाते हुए सड़क पर दूर तक पड़ी खून की बूंदों को मोबाइल फोन में उतार लिया। खून धोने की फुटेज भी कैद कर ली। इसी वीडियो के आधार पर ही रामनगर के आंबेडकर चौक पर सचिन वालिया को गोली मारे जाने के दावे को पुलिस झुठला रही है। डीआईजी शरद सचान के मुताबिक सुबह से ही पूरा इलाका छावनी में तब्दील था। उस मार्ग पर लोगों की आवाजाही भी बंद थी। गोली मारने का जो घटनास्थल बताया जा रहा है, वहां सुबह से ही पुलिस और आरएएफ तैनात थी।
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पहले बताई छत से गिरने की बात
डीआईजी शरद सचान के मुताबिक एलआईयू टीम को पहले सचिन वालिया के छत से गिरने की बात बताई थी। अस्पताल में भी यही बात दोहराई गई। घटना पूरी तरह संदिग्ध है। एक दो दिन में उसकी पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।