फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

... तो फिर बवाल कराने के लिए अब तक छोड़ा था शिवकुमार को

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। ग्राम शब्बीरपुर के ग्राम प्रधान को 5 मई को हुए बवाल को मुख्य आरोपी पहले ही दिन मान लिया गया था। उसके खिलाफ मामला भी दर्ज हो गया था। फिर भी पुलिस ने उसे अब तक गिरफ्तार नहीं किया था। जबकि वह पुलिस के सामने ही घूमता रहा। यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की सभा के दौरान भी जिले और आसपास के जिले के अधिकारियों की आंखों के सामने रहा।
विज्ञापन

पुलिस ने शब्बीपुर के ग्राम प्रधान शिवकुमार पर पहले ही दिन बवाल का सूत्रधार होने का आरोप लगा दिया था। पुलिस ने ही आरोप लगाया था कि उसने ही लोगों को भड़काया और राजपूत समाज के युवकों पर पथराव कराया था। जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी। उसके बाद ही राजपूतों ने विरोध में आगजनी, मारपीट, तोड़फोड़ की।
पांच मई की घटना की रात को ही पुलिस ने 17 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। ग्राम प्रधान उस दिन तो पुलिस के सामने नहीं आया। लेकिन बाद में पुलिस के सामने घूमता रहा। उसके बाद 9 मई को पूरे जिले में बवाल हुआ। जिसके बाद राजनीति गरमा गई। शिवकुमार को भी लगा कि अब उसका कद राजनीति में बढ़ने लगा है। जिसके चलते 23 मई को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के दौरे के समय वह पुलिस, पीएसी, आरएएफ, आरआरएफ के सामने बेधड़क घूमता रहा। डीएम, एसएसपी समेत सभी आला अधिकारी मौके पर मौजूद थे। लेकिन पुलिस ने कुछ भी नहीं किया। पुलिस उसे लगातार छूट देती रही। उसके बाद उसके भड़काने वाले स्टेटमेंट सामने आते रहे। जिससे लगा कि मामला फिर से भड़क सकता है। लेकिन पुलिस ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। शिवकुमार पर भड़काकर बवाल कराने का आरोप लगाने वाली पुलिस फिर से किसी बवाल के इंतजार में थी। जिस कारण उसे अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि आरोप तो पहले से ही था, एफआईआर भी करा दी गई थी, लेकिन जांच में सभी तथ्य आने के बाद ही शिव कुमार को गिरफ्तार किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पहले दिन से ही पुलिस के सामने घूमता रहा प्रधान
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें