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सहारनपुर में परिजनों से मिलने दो बार आया संजीव

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सहारनपुर। हिसार के पूर्व विधायक रेलूराम समेत आठ लोगों की हत्या में आजीवन की सजा पाए संजीव 14 दिन की पैरोल के बीच दो बार अपने परिजनों से मिलने के लिए सहारनपुर पहुंचा था। परिजन भी उसके बारे में कुछ भी जानकारी होने से इंकार कर रहे हैँ।
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सदर कोतवाली के मोहल्ला दुर्गापुरी निवासी संजीव की मां राजवीरी और पिता चौधरी अनूप सिंह के मुताबिक संजीव 14 दिन की पैरोल पर आया था। उसकी पैरोल 31 मई को समाप्त हो गई थी। पैरोल के दौरान सिर्फ दो बार 16 मई और 30 मई को ही सहारनपुर में अपने बेटे प्रशांत और मां-बाप से मिलने के लिए आया था। 31 मई को ही वह जेल में जाने के लिए कहकर चला गया। लेकिन वह जेल नहीं पहुंचा। वे लोग सिर्फ दो बार ही संजीव से मिल सके हैं। उन्हें संजीव के बारे में डर सता रहा है। उन्होंने सदर कोतवाली में संजीव की गुमशुदगी के लिए प्रार्थना पत्र भी दिया था। लेकिन यहां किसी ने उसकी सुनवाई नहीं की। उन्होंने यमुनानगर और कुरुक्षेत्र में भी प्रार्थना पत्र दिया। लेकिन उन्होंने भी कोई सुनवाई नहीं की। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। बताया जा रहा है कि हरियाणा पुलिस लगातार संजीव की तलाश में उसके रिश्तेदारों के यहां दबिश दे रही हैं।
यह है मामला
सदर कोतवाली के दुर्गापुरी निवासी संजीव और उसकी पत्नी सोनिया पर 23 अगस्त 2001 में हिसार के पूर्व विधायक एवं संजीव के ससुर रेलूराम पूनिया, उनकी पत्नी कृष्णा, प्रियंका, सुनील, शकुंतला, लोकेश, प्रीति समेत आठ लोगों का आरोप है। जिसमें 26 अगस्त 2007 को संजीव और सोनिया को फांसी की सजा सुनाई गई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था।
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