फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला अस्पताल से नवजात बच्ची चोरी

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। महिला अस्पताल से फिर एक नवजात बच्ची चोरी हो गई। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल रहा। मगर अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर जाना तक जरूरी नहीं समझा, बल्कि पीड़ितों को कार्यालय में बुलाकर उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया। उधर, थाना प्रभारी शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि बच्ची के पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर बच्ची की तलाश जारी कर दी है।
विज्ञापन

नागल के गांव भलस्वा ईशापुर निवासी अलीशेर ने अपनी पत्नी नजमा को डिलीवरी के लिए मंगलवार की रात महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। रात साढ़े 11 बजे नजमा ने एक बच्ची को जन्म दिया। करीब साढ़े 12 बजे उसे कमरा नंबर आठ में बने एएनसी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। बुधवार की दोपहर करीब एक बजे नजमा के पास उसकी जेठानी गुलशन और पति अलीशेर मौजूद थे। तभी अलीशेर किसी काम से कमरे से बाहर चला गया। गुलशन नवजात बच्ची को गोद में लिए बैठी हुई थी। गुलशन ने नवजात को उसकी मां नजमा के पास लेटा दिया और खुद अपने बच्चे को दूध पिलाने के लिए साइड में लेट गई। थोड़ी देर बाद देखा तो नवजात बच्ची नजमा के पास नहीं थी। नजमा और गुलशन ने शोर मचा दिया। वार्ड में भर्ती अन्य जच्चा के तीमारदारों ने उन्हें बताया कि एक महिला बच्ची को लेकर गई है। उन्होंने इसलिए नहीं रोका कि शायद परिवार की ही कोई सदस्य होगी। बच्ची चोरी होने की सूचना पूरे अस्पताल में फैल गई। मगर, अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों ने वार्ड में पहुंचकर बच्ची के परिजनों से हाल तक जानने की कोशिश नहीं की। कुछ ही देर बाद थाना जनकपुरी इंचार्ज शैलेंद्र शर्मा मौके पर पहुंचे और पूछताछ की। इसके बाद स्टाफ के लोग मौके पर पहुंचे, जो अलीशेर और गुलशन को बुलाकर सीएमएस के दफ्तर ले गए। हैरत की बात यह है कि पुलिस की मौजूदगी में अस्पताल के अधिकारी बच्ची की ताई गुलशन से ऐसे सवाल कर रहे थे, जैसे बच्ची को उसी ने गायब कराया हो। बच्ची के चोरी होने से महिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।

अस्पताल में बच्चा चोर गैंग सक्रिय
महिला अस्पताल में बच्चा चोर गिरोह कई साल से सक्रिय है, जिसको आज तक चिह्नित कर कार्रवाई नहीं की जा सकी है। एक बार तो बच्चा चोरी में आशा का हाथ तक सामने आ चुका है। करीब दो वर्ष पहले बिहार की एक महिला की नवजात बच्चा इसी अस्पताल से चोरी हो चुका है। यानी बार-बार बच्चा चोरी होने की घटनाओं से अस्पताल प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है।
विज्ञापन


बंद पड़े अस्पताल के सीसीटीवी
महिला अस्पताल में तमाम व्यवस्थाओं पर नजर रखने के लिए 16 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। लेकिन, इनमें से ज्यादातर काफी समय से बंद हैं। इसका खुलासा बुधवार की घटना से तब हुआ, जब चोर का पता लगाने के लिए पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले। उधर, सीएमएस डॉ. अनीता जोशी का कहना है कि 16 में से आठ कैमरे चालू हैं। बाकी को ठीक कराने के लिए मैकेनिक से बार-बार कहा जाता रहा है, मगर वह सुनने को तैयार नहीं है।

हम दिन में कई बार एनाउंस करते हैं कि अपने सामान और बच्चों की सुरक्षा करें, लेकिन उसके बाद भी लोग लापरवाही करते हैं। साथ ही अस्पताल में तीमारदारों की अधिक संख्या होने की वजह से संदिग्धों पर नजर रख पाना संभव नहीं है।
विज्ञापन

- डॉ अनीता जोशी, सीएमएस, महिला अस्पताल।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें