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स्टोन क्रशरों के नोटिस तामील कराने में बडा खेल

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सहारनपुर। अवैध खनन मामले में स्टोन क्रशर मालिकों को भेजे गए नोटिसों में बड़ा खेल हुआ है। बेहट तहसील के करीब 322 स्टोन क्रशरों को भेजे गए नोटिसों में उनके मालिकों के नाम ही गायब है। जारी हुए नोटिस फर्म के नाम पर हैं और खनन बंद होने के चलते स्टोन क्रशर बंद पड़े हुए हैं। जबकि इन नोटिसों को व्यक्तिगत रूप से तामील कराया जाना था। नाम नहीं होने से कर्मचारी नोटिसों को तामील नहीं करा सके हैं। इसके चलते प्रशासन नोटिस तामील नहीं कराने को लेकर बेहट तहसील के कर्मचारियों पर गाज गिराने की तैयारी में है। इससे कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। उनका आरोप है कि बिना नाम के नोटिसों को तामील कराना संभव नहीं है क्योंकि काफी दिनों से स्टोन क्रशर बंद होने से वहां कोई नहीं मिला है।
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अवैैध खनन को लेकर सीबीआई की टीम के जून महीने में जनपद में जांच के बाद हरकत में आए खनन विभाग ने स्टोन क्रशर स्वामियों को रिकवरी के लिए नोटिस भेजे थे। स्टोन क्रशरों को भेजे गए नोटिसों में भी खनन विभाग ने खेल कर दिया है। रिकवरी के लिए भेजे गए इन नोटिसों में स्टोन क्रशर का नाम और पता तो दर्ज है लेकिन स्टोन क्रशर के मालिकों का नाम नोटिसों में नहीं है। सूत्रों का कहना है कि काफी दिनों से बंद पडे़ इन स्टोन क्रशरों पर अब कोई नहीं रहता है। ऐसे में नोटिसों में नाम और घर का पता नहीं होने पर इनका तामील होने संभव नहीं है। इससे पहले वर्ष 2015 में भी अवैध खनन को लेकर स्टोन क्रशरों को नोटिस भेजे गए थे। इन नोटिसों को तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रवीर सिंह यादव ने जारी किया था। इस बारे में पूछने पर जिलाधिकारी पीके पांडे ने बताया कि इन कर्मचारियों को स्टोन क्रशर स्वामियों के बारे में सब पता है। कर्मचारी ही लापरवाही कर रहे हैं।
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