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पंचायतों के फरमान बनते रहे हैं पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती

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सहारनपुर। शहर से लेकर देहात प्रभावी व्यक्तियों की मौजूदगी में होने वाली पंचायतें अक्सर पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती बनती हैं। मगर, पुलिस पंचायतों में मनमाने फैसले देने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती। यही कारण है कि ऐसे लोगों पर अंकुश नहीं लग पाता, जबकि इस तरह की पंचायतों में सरेआम पिटाई, प्रतिबंध और सामाजिक बहिष्कार जैसे फैसले लेने में भी गुरेज नहीं होता है।
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इंद्रा कालोनी में पंचायत के जरिए सरेआम पिटाई और मानव मूत्र पिलाने जैसे शर्मनाक और अमर्यादित फरमान के बाद एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो आपसी झगड़े, व्यापार के लेन देन सहित इस तरह के मामलों में लोग पुलिस के पास जाने की बजाय प्रभावी व्यक्ति की मौजूदगी में पंचायत कराने में विश्वास रखते हैं। प्रभावी व्यक्ति कई बार खुद ही पंचायत कर मनमाने फैसले भी देने में पीछे नहीं हटता। यहां बता दें कि सहारनपुर में लड़कियों के जींस पहनने और मोबाइल पर प्रतिबंध जैसे फैसले देकर पंचायतें चर्चा में रही हैं।
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समाज में बदलाव के लिए कानून का सहारा
जेवी जैन कालेज के सेवानिवृत्त प्रवक्ता डा. एससी बंसल का कहना है कि पश्चिमी यूपी के ज्यादातर जिलों में खाप और पंचायतें सक्रिय रही हैं और उनका प्रभाव अब तक है। यही कारण है कि ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की बजाय लोग पंचायतों का सहारा लेते हैं। मगर, छोटे छोटे क्षेत्रों में प्रभावी व्यक्ति खुद ऐसी पंचायतें कर जबरदस्ती अपनी मनमानी करना चाहते हैं। कई बार भले ही उसकी मान्यता नहीं हो, मगर वह अपने प्रभाव के चलते फरमान सुनाता है। समाज में बदलाव के लिए कानून का सहारा लेना चाहिए। इसके लिए पुलिस को ही कानून का पाठ लोगों को पढ़ाना होगा।
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पहले भी पंचायत में ताक पर रखा जा चुका कानून
सहारनपुर। जिले में पहले भी इसी तरह कई बार पंचायतें होने के मामले सामने आ चुके हैं। इंदिरा कॉलोनी में एक महिला और पुरुष को मुंह काला करके क्षेत्र में घुमाया गया था। इसके अलावा देहात क्षेत्रों में ऐसी कई घटनाएं आए दिन होती रहती हैं। पुलिस की लचीली कार्य प्रणाली के कारण पंचायतें करने वाले लोग बेखौफ हैं।
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पंचायतों में सुनाए गए फरमान- देवबंद के गांव में लड़कियों के जींस पहनने और मोबाइल रखने पर लगी पाबंदी
- अंबेहटा में छेड़छाड़ के आरोपी केे जूते मारने के बाद मुंह में कालिख लगाकर घुमाया गया
- नकुड़ क्षेत्र में झगड़े के आरोपी को पंचायत में जूते मारने का दिया गया था फरमान
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कानून से ऊपर कोई नहीं हो सकता और पंचायत का फरमान सुनाने वालों की पहचान की जाएगी। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि इंद्रा कालोनी में ऐसी हरकत करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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शरद सचान, डीआईजी
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