संशोधित.... इसे ही ले
जिला कारागार में कैदी की हत्या, फार्मासिस्ट बंदीरक्षक निलंबित
- जेल के अस्पताल में विवाद के बाद मनोरोगी बंदी ने पीटा था
- पत्नी की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा भुगत रहा था आजम
- आरोपी हमलावर अनवर भी मानसिक रूप से था बीमार
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अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे कैदी और एक बंदी के बीच जिला कारागार के अस्पताल में रविवार सुबह झगड़ा हो गया। मारपीट में घायल कैदी आजम की मौत हो गई। आरोपी बंदी के खिलाफ थाना जनकपुरी में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस मामले में कारागार के अस्पताल में कार्यरत फार्मासिस्ट के अलावा बंदीरक्षक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि मुख्य बंदीरक्षक के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है। ये दोनों ही मनोरोगी थे। इन दोनों को एक ही कमरे में बंद कर दिया गया था। इनमें विवाद होने के बाद ही यह घटना हुई।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव सैय्यद माजरा निवासी 35 वर्षीय आजम को उसकी पत्नी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। वह मानसिक रूप से बीमार चल रहा था। इस कारण उसका उपचार कारागार के अस्पताल में चल रहा था। उसे अस्पताल के एकांत कमरे में रखा गया था।
वहीं, कारागार के बंदी अनवर का भी मानसिक बीमारी के कारण कारागार के अस्पताल में उपचार चल रहा था। रविवार सुबह बंदी अनवर ने अचानक हंगामा कर दिया। इसके बाद फार्मासिस्ट आरके तिवारी ने बंदीरक्षक आसिफ खान से अनवर को एकांतवास में रखने को कहा। आसिफ खान ने बंदी अनवर और कैदी आजम को एक ही कमरे में बंद कर दिया था। वहां कुछ ही देर में दोनों के बीच मारपीट हो गई। इसमें अनवर ने आजम का गला भी दबा दिया। बाद में जेल स्टाफ मौके पर पहुंचा और जेल अस्पताल के चिकित्सक ने आजम का उपचार किया। लेकिन हालत में सुधार न होने पर उसको जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां चिकित्सक ने आजम को मृत घोषित कर दिया।
जेल के अधिकारियों के निर्देशानुसार बंदीरक्षक सचिन आजम को जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी एसएसपी दिनेश कुमार और थाना जनकपुरी पुलिस को दी गई। सूचना पर मृतक के परिजन भी जिला अस्पताल पहुंच गए। थाना जनकपुरी इंस्पेक्टर सुशील दुबे ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। आजम के नाक और गले पर चोट के निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मृत्यु का कारण स्पष्ट होगा। उधर, जेल अधीक्षक विरेश राज शर्मा ने बताया कि आरोपी अनवर के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस मामले में फार्मासिस्ट आरके तिवारी, बंदीरक्षक आसिफ खान की लापरवाही सामने आई है। दोनों को निलंबित कर दिया गया है। मुख्य बंदी रक्षक वीरपाल के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है। उन्होंने बताया कि आजम के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा था, जिसमें आजम को नवंबर 2011 में न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
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पहले भी एक बंदी से की थी मारपीट
सहारनपुर। जिला कारागार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस घटना से पहले भी अनवर की एक बंदी के साथ मारपीट हुई थी। लेकिन तब यह मामला इतना नहीं बढ़ा था। इसके बाद रविवार को मारपीट की यह घटना हुई है। यदि पहली मारपीट के बाद से ही सतर्कता बरती जाती तो शायद ऐसा न होता।
वाराणसी के विशेषज्ञों से भी लिया जा रहा था उपचार
वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के अनुसार आजम का उपचार काफी समय से वाराणसी के मनोरोग विशेषज्ञों की देखरेख में चल रहा था। इसके साथ ही स्थानीय अस्पताल में उन्हें उपचारित कराया जा रहा था। वहीं, हमलावर अनवर को भी करीब दस दिन से वाराणसी के विशेषज्ञों की देखरेख में उपचार दिया जा रहा था।