देवबंद (सहारनपुर)। कायदे कानूनों को ताक पर रखकर नगर में कुछ ही वर्षों में सैकड़ों कालोनियां अवैध रुप से खड़ी कर दी गईं। हालांकि प्राधिकरण का दावा है कि जांच में अभी तक 32 कालोनियां अवैध पाई गई हैं। जिनके ध्वस्तीकरण के लिए पीडब्ल्यूडी और नगर पालिका को रिपोर्ट भेजी गई है।
पैसा कमाने के लालच में भू-माफिया ने कायदे कानून की परवाह किए बगैर हरे भरे वृक्षों को काटकर अवैध कालोनियां खड़ी कर दीं। कुछ ही वर्षों में इन कालोनियों की संख्या सैकड़ों में पहुंच गई है। जबकि प्राधिकरण का दावा है कि जांच में कासिमपुरा मार्ग, भायला रोड, कुटी रोड, चांद कालोनी और सहारनपुर-मुजफ्फरनगर मार्ग स्थित बनाई गई करीब 32 कालोनियां ही अवैध पाई गई हैं। जिनके ध्वस्तीकरण के लिए पीडब्ल्यूडी और नगर पालिका परिषद को रिपोर्ट भेज दी गई है, लेकिन सवाल यह उठता है कि बिना सांठगांठ के इतनी कालोनियां खड़ी कैसे हो सकती है जबकि इनमें सैकड़ों लोग मकान बनाकर रह भी रहे हैं। नियत प्राधिकरण को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं हुई। इतना ही नहीं वर्ष 2014 में प्राधिकरण ने कुछ ऐसी कालोनियों में मकानों के बैनामे किए जिनका तलपट मानचित्र पास ही नहीं है।
अवैध कालोनियों के ध्वस्तीकरण को भेजी गई रिपोर्ट
देवबंद। जिन लोगों ने कालोनियां काटी हैं उनके स्वामियों को नोटिस भेजे गए थे, लेकिन उसके बावजूद उन्होंने नक्शे पाए नहीं कराए। जबकि उन कालोनियों में मकान बनाकर रहने वाले लोगों को भी नोटिस भेजे गए हैं। अवैध रुप से बनी कालोनियों के ध्वस्तीकरण के लिए रिपोर्ट भेज दी गई है।
ॎ विपिन गुप्ता, जेई नियत प्राधिकरण