सहारनपुर में सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर साल्व करने का ठेका लेने वाले गिरोह के 11 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इनमें एक सिपाही एसटीएफ मेरठ में बाबू है तो दूसरा गाजियाबाद के फायर स्टेशन में तैनात है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 97 हजार रुपये की नगदी, 200 फर्जी आधार कार्ड, 233 परिचय पत्र, 13 मोबाइल फोन, बरामद किए हैं। गिरोह का सरगना मनीष राणा बागपत का बताया गया है। पुलिस उप महानिरीक्षक शरद सचान ने मंगलवार को बताया कि एसटीएफ द्वारा दोपहर लगभग एक बजे भर्ती परीक्षा में साल्वर गैंग के सहारनपुर में सक्रिय होने की जानकारी दी गई।
इसी आधार पर पुलिस की कई टीमें गठित कर अलग-अलग क्षेत्र में सक्रिय किया गया था। शाम लगभग साढ़े पांच बजे नगर कोतवाली क्षेत्र के रेलवे रोड पर एक होटल में छापा मारकर पांच लोगों को पकड़ा गया। पूछताछ हुई तो पूरा सच सामने आ गया।
पता चला कि उनके साथी दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने विभिन्न केन्द्रों पर गए हुए हैं। पुलिस ने यहीं पर उनके लौटने का इंतजार किया। होटल में छह अन्य लोग परीक्षा देकर लौटे, तो उन्हें भी दबोच लिया। डीआईजी ने बताया कि पकड़े गए लोगों में शंकरपाल निवासी नंगला राठी थाना दौराला मेरठ, बिजेंद्र कुमार निवासी अलीपुर मोरना, थाना हस्तिनापुर मेरठ, मनीष निवासी ग्राम कमाला थाना सिंघावली अहीर, बागपत, कपिल नागर निवासी गंगा नगर मेरठ, सचिन निवासी भिंडवारा, थाना मवाना मेरठ, सुबोध, रणधीर निवासी अलीपुर मोरना, थाना हस्तिनापुर मेरठ, राहुल निवासी अंचीकला थाना परीक्षितगढ़, पंकज निवासी ग्राम सिलोर, थाना किठोर मेरठ, सोहनपाल तथा दीपक निवासी ग्राम पिनाई, थाना फलावदा, मेरठ बताया।
डीआईजी शरद सचान ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि पेपर साल्व कराने के लिए चार लाख रुपये में ठेका लेते थे। आरोपियों में बिजेंद्र एसटीएफ मेरठ और दीपक गाजियाबाद में फायर स्टेशन में तैनात है जो किसी परीक्षार्थी के बदले परीक्षा देकर लौटा था।