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Saharanpur News: सोशल मीडिया पर टोटकों का ट्रेंड, दिमाग हो रहा बीमार

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सहारनपुर। घर से बाहर निकल रहे हैं तो जेब में रखें तीन लौंग और एक सुपारी। अगर चक्कर आ रहे हैं तो दिमाग की जानलेवा बीमारी हो सकती है। आजकल सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ऐसी सलाह की भरमार है। इनसे कहीं न कहीं युवा से लेकर बुजुर्ग भी प्रभावित हो रहे हैं।
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सोशल मीडिया एक ओर जहां जानकारी का खजाना है तो यहां पर गलत संदेह या झूठी जानकारियों की भी भरमार है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर हर दूसरा व्यक्ति अपने को इंफ्लुएंसर या किसी भी विषय का विशेषज्ञ बताता है। आजकल जीवन को सुख और समृद्ध बनाने की सलाह देने वालों की इन प्लेटफार्म पर भरमार है। कोई सलाह देते हुए दिखाई देता है कि नौकरी या सुख-समृद्धि पाने के लिए बुधवार को घर से दो हरी इलायची खाकर निकलें और बृहस्पतिवार को घर से लाल रुमाल लेकर निकलें। इसके अलावा बीमारी के लक्षणों को लेकर भी कई रील और छोटी वीडियो की भरमार है। इसका असर युवाओं से लेकर बुजुर्गों की मानसिकता पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल के मन कक्ष से लेकर मेडिकल कॉलेज की मानसिक रोग की ओपीडी में सप्ताह में तीन से चार केस आ रहे हैं। ऐसे लोग आत्मविश्वास की कमी से भी जूझ रहे हैं।





केस एक

- मेडिकल कॉलेज में मनोरोग विभाग की ओपीडी में इलाज कराने आए एक 60 वर्षीय व्यक्ति काफी रील देखते थे। बीमारियों पर रील देखते-देखते उन्हें अपनी शरीर में भी ऐसे ही लक्षण नजर आने लगे। इससे उनके परिजन भी खासे परेशान हो गए। उनका इलाज चल रहा है।
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केस दो

- मनोरोग विभाग की ओपीडी में एक युवक को हाईपोक्रोंडिया (रिपोर्ट में सामान्य होने के बाद भी बीमार होने का भय) से पीड़ित हो गए। वह स्वयं ही इलाज के लिए अनेक तरह के नुस्खे आजमाने लगे।



- बोले विशेषज्ञ



मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अंशुमन तिवारी कहते हैं कि सोशल मीडिया पर कोई रोकटोक नहीं है। कोई भी व्यक्ति विशेषज्ञ बनकर सलाह दे सकता है। ऐसे में उपयोगकर्ता को बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। वह देखे कि सलाह का स्रोत क्या है। किसी की भी सलाह को एकदम से न मानें। सोशल मीडिया मनोरंजन का साधन हो सकता है। इलाज का नहीं। डॉक्टर की सलाह पर अपना पूरा इलाज कराएं। उसे बीच में न छोड़ें।

- ज्योतिषाचार्य अमित चतुर्वेदी बताते हैं कि मनुष्य को यदि सफलता हासिल करनी है तो उसे कर्म चाहिए। गीता में भी कहा गया है कि बिना कर्म किए फल नहीं मिल सकता। साथ ही सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। अपने ईष्ट देव पर विश्वास रख अच्छे और सच्चे कर्म करें। फल अवश्य मिलेगा। जेब में लौंग-सुपारी रखना, इलायची खाना, रंगीन रुमाल रखना आदि अंधविश्वास है। असली सफलता मेहनत, ज्ञान और सही निर्णय से मिलती है
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