- पुलिस ने 86 प्राथमिकी दर्ज कर 56 साइबर आरोपियों पर की कार्रवाई
- 1.08 करोड़ से अधिक पीड़ितों को वापस दिलाई, की गई थी साइबर ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। साइबर ठगों पर पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया है। एक जुलाई 2025 से अब तक साइबर ठगी की 86 प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस दौरान 56 साइबर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई। 2.17 करोड़ की रकम को बैंकों में फ्रीज कराया गया है।
एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों की धनराशि को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से साइबर सेल ने विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ सक्रिय तकनीकी समन्वय स्थापित किया। समय रहते कुल दो करोड़ 17 लाख 63 हजार 267 रुपये की राशि को बैंकों में फ्रीज कराया गया। वहीं अथक प्रयासों, तकनीकी के चलते अब तक एक करोड़ आठ लाख 75 हजार 399 रुपये की धनराशि साइबर ठगी के शिकार पीड़ितों के बैंक खातों में वापस कराई जा चुकी है।
साइबर क्राइम से जुड़े सभी मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। साइबर अपराधों के प्रति जन जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिले के लगभग 18 हजार सार्वजनिक और प्रमुख स्थानों पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और साइबर थाना का सीयूजी नंबर 7839876635 अंकित कराया गया है, ताकि नागरिकों को तत्काल सहायता मिल सके। एसएसपी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मेसेज पर विश्वास न करें। साइबर ठगी होने पर 1930 हेल्पलाइन नंबर या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। किसी भी अंजान व्यक्ति के साथ ओटीपी साझा न करें। जालसाजों से सतर्क रहें।
साइबर ठगी पर दर्ज करें प्राथमिकी
एसएसपी आशीष तिवारी ने कहा कि साइबर क्राइम की रोकथाम पुलिस की प्राथमिकता है। साइबर ठगी से जुड़े प्रत्येक प्रकरण में शत-प्रतिशत प्राथमिकी दर्ज करें, ताकि ठगी गई धनराशि को समय रहते फ्रीज कराकर पीड़ितों को वापस दिलाई जा सकें। विभिन्न जनपदों में सक्रिय साइबर आरोपियों की जानकारी साझा कर उनके नेटवर्क को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।