सहारनपुर। पीएनबी की करेंसी चेस्ट में हुए 17 करोड़ के गबन के मामले में जांच तेज कर दी गई है। मंगलवार को आरबीआइ की टीम जांच के लिए पहुंची। शुरुआती जांच में पांच लाख के नोटों का एक ऐसा बंडल मिला है, जिसमें दस गड्डियों में से आठ गड्डियां जाली नोटों की थीं। पहली और आखिरी गड्डी असली रखी गई थी। जांच टीम को ऐसे कई और बंडल मिलने की बात सामने आ रही है। वहीं, आरोपी अधिकारियों के बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं।
घंटाघर स्थित करेंसी चेस्ट में टीम लगातार नोटों की जांच कर रही है। दोपहर के समय आरबीआइ की टीम पहुंची, जिसने कई घंटे तक करेंसी चेस्ट में जांच पड़ताल की। बताया जा रहा है कि 500 रुपये के 100 नोटों की एक गड्डी में 50 हजार रुपये होते हैं। ऐसी दस गड्डियों को मिलाकर पांच लाख रुपये का एक बंडल तैयार किया जाता है। इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर जाली नोटों की अदला-बदली का खेल किए जाने की आशंका है।
जांच के दौरान शुरुआती रैक में रखे बंडल सामान्य मिले। इसके बाद जैसे-जैसे टीम आगे की रैक तक पहुंची, नकली नोटों वाली गड्डियां मिलने लगीं। पांच-पांच लाख के बंडलों को इस तरह व्यवस्थित किया गया था कि सामान्य जांच में नकली नोट तुरंत पकड़ में न आएं। यह भी सामने आया है कि कई गड्डियां ऐसी भी मिलीं, जिसमें ऊपर और नीचे की तरफ असली नोट थे और बीच में जाली नोट लगाए गए थे। इसके अलावा जिन अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है उनके बैंक खाते सीज कर दिए गए, जिससे लेनदेन न कर सकें। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
सामान्य स्याही और पेपर का हुआ इस्तेमाल
करेंसी चेस्ट में मिले जाली नोटों की जांच कर रही टीम यह भी देख रही है कि चेस्ट में रखे गए जाली नोटों की गुणवत्ता किस स्तर की है। टीम को जांच में पता चला है कि जाली नोटों को बनाने में सामान्य स्याही और पेपर का इस्तेमाल हुआ है। हालांकि यह जानकारी भी जुटाई जा रही है कि इन जाली नोटों को कहां छापा गया है।
पीएनबी की करेंसी चेस्ट में जाली नोट मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं। एक टीम को हरियाणा के अलग-अलग जनपदों में भेजा गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल जांच जारी है।
व्योम बिंदल, एसपी सिटी