Saharanpur News: सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ के जाली नोट मिले हैं। लखनऊ से आरबीआई के और अधिकारी बुधवार को पहुंचे और फॉरेंसिक टीम के साथ मिलकर जांच की। नोटों की गिनती लगातार की जा रही है।
पीएनबी करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ रुपये के जाली नोटों का मामला गहराता जा रहा है। बुधवार को लखनऊ से आई आरबीआई की टीम ने फॉरेंसिक टीम के साथ मिलकर करेंसी चेस्ट ब्रांच में छानबीन की। वहीं, जिन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है, उनके स्थान पर नया स्टाफ लगा दिया गया।
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सुबह करीब 11 बजे पांच सदस्यीय फॉरेंसिक टीम घंटाघर के सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट ब्रांच में पहुंची। टीम ने चेस्ट में पहुंचते ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, साथ ही मौके पर मौजूद अन्य जांच टीमों को भी जानकारी दी। फॉरेंसिक जांच टीम चेस्ट में मौजूद फिंगर प्रिंट, सीसीटीवी के साथ अन्य सबूतों को खंगालेंगी।
बताया जा रहा है कि करेंसी चेस्ट के स्ट्रांग रूम में प्रवेश के लिए काफी औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। प्रवेश से पहले फिंगर प्रिंट स्कैन किया जाता है। फिंगर प्रिंट स्कैन होने और सत्यापन के बाद ही अगली प्रक्रिया शुरू होती है। स्ट्रांग रूम की दो चाबियां होती हैं, जो अलग-अलग लोगों के पास होती हैं। स्ट्रांग रूम को खोलने के लिए दोनों चाबियों का इस्तेमाल करना पड़ता है। दोनों चाबियों के लगने और दोनों व्यक्तियों के फिंगर प्रिंट स्कैन होने के बाद ही स्ट्रांग रूम में प्रवेश होता है।
जांच के लिए पहुंची फॉरेंसिक टीम यह पता लगाएगी कि स्ट्रांग रूम में जाली नोट रखने के लिए सिस्टम में तो छेड़छाड़ नहीं की गई। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज को भी बारीकी से जांचा जाएगा। फॉरेंसिक टीम ने फिंगर प्रिंट की जांच आदि करने के साथ ही डिजिटल फुटप्रिंट भी खंगाले। साथ ही यह भी देखा कि जाली नोटों में किस तरह का कागज, स्याही और कैसे प्रिंटर का इस्तेमाल किया गया है। फॉरेंसिक टीम के साथ आरबीआई की टीम भी जांच में शामिल रही। इसके अलावा बैंक के मुख्यालय की टीम भी पड़ताल कर रही है। अन्य किसी भी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। पुलिस की ओर से एसआईटी भी जांच कर रही है।
नोटों की गिनती देर शाम तक जारी
करेंसी चेस्ट में जमा नोटों की गिनती बुधवार को भी देर शाम तक जारी रही। आरबीआई और हेड ऑफिस की टीम करेंसी चेस्ट में जमा हर एक नोट की बारीकी से जांच कर रही है। पीएनबी हेड ऑफिस और आरबीआई से आए अधिकारी जांच में लगे हैं। हर करेंसी चेस्ट आरबीआई के अधीन होती है।
हर दिन 12 घंटे से अधिक जांच कर रहे अधिकारी
टीम के सदस्य चेस्ट में सुबह आठ बजे तक पहुंच जाते हैं। इसके बाद जांच रात के नौ बजे तक चलती है। इस बीच खाने आदि के लिए ही टीम के सदस्य बाहर आते हैं। चेस्ट में हर समय टीम के अधिकारी मौजूद रहते हैं।
ये बोले डीआईजी
इस प्रकरण में एसआईटी गहनता से जांच कर रही है। एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। - अभिषेक सिंह, डीआईजी