किसी करेंसी चेस्ट में प्राप्त गंदे और जीर्ण मुद्रा नोटों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत छांटा, गिना और बंडल बनाया जाता है। इसके बाद ही इन्हें संबंधित आरबीआई कार्यालय भेजा जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत 111 करोड़ की राशि के गंदे-जीर्ण मुद्रा नोट तैयार किए गए थे। इनमें 500 के 1900 और 200 के 800 बंडल शामिल थे। यानी बंडल में 500 के 19 लाख और 200 के आठ लाख नोटों की खेप थी। इन नोटों को छह जुलाई को पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट से एसबीआई करेंसी चेस्ट भेजा गया। इसी के जरिए आरबीआई जयपुर भेजे गए थे।
जांच के लिए इकट्ठा किए जा रहे दस्तावेज
एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि पुलिस की तीन बिंदुओं पर जांच चल रही है। इसमें डिजिटल साक्ष्य, दस्तावेज इकट्ठा करना और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश शामिल है। आरोपी अभी नहीं पकड़े गए हैं। आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस व इनाम घोषित करने की प्रक्रिया है, जिसके तहत उसे अपनाया जाएगा। अब तक की जांच में नेपाल का कनेक्शन सामने नहीं आया है।
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