सहारनपुर। बिना टेंडर के पौधे खरीद को लेकर पार्षद और निगमकर्मी आमने सामने आ गए हैं। सोमवार को निगम के मालियों ने पार्षद के खिलाफ नगरायुक्त कार्यालय पर धरना दिया और पार्षद पर कार्रवाई की मांग की। वहीं, पार्षदों ने मंडलायुक्त एवी राजमौलि से मिलकर निगम में भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाते हुए ज्ञापन सौंपा।
सोमवार को नगर निगम के मालियों ने पार्षद अनिल कुमार पर मुख्य माली के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगाते हुए नगरायुक्त कार्यालय पर धरना दिया और नारेबाजी की। स्वायत शासन कर्मचारी संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष राजकुमार वर्मा ने कहा कि पार्षद अनिल ने गत 12 जून की शाम पांच बजे गांधी पार्क में मुख्य माली शकील अहमद के साथ बदसलूकी की थी। नगरायुक्त को ज्ञापन देकर पार्षद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मांग पूरी न होने पर धरने की चेतावनी दी।
उधर, पार्षद अनिल कुमार, प्रदीप उपाध्याय, मोहर सिंह, विजय कालड़ा आदि ने मंडलायुक्त एवी राजमौलि से मुलाकात कर कहा कि निगम ने टेंडर किए बगैर ही पौधे खरीदकर रोपण किया है, जबकि पौधे खरीदने का टेंडर अभी हुआ नहीं है। जांच कराकर कार्रवाई कराने की मांग की गई।
सोशल मीडिया से पकड़ा तूल
नगर निगम के अधिकारियों और पार्षदों का एक व्हाट्स एप ग्रुप है। अनिल का कहना है कि पौधों की खरीद को लेकर तीन दिन पहले उन्होंने नगरायुक्त को कॉल की और व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा। कॉल रिसीव नहीं हुई और मैसेज का जवाब भी नहीं आया। निगम सूत्रों ने बताया कि पार्षद ने यह बात व्हाट्स एप ग्रुप पर साझा कर दी, जिसके बाद अनिल को ग्रुप से बाहर कर दिया गया। इसके बाद अनिल ने ग्रुप के एडमिन से बात की तो उन्होंने बताया कि नगरायुक्त के कहने पर व्हाट्स एप ग्रुप से हटाया है। अनिल ने एडमिन से बातचीत का ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया।
भेदभाव कर रहा निगम: अनिल
पार्षद अनिल कुमार का कहना है कि वह बसपा पार्षद हैं। इस कारण निगम के अधिकारी और कर्मचारी भेदभाव करते हैं। अधिकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाई गई आवाज को दबाना चाहते हैं। मगर वह झूठे आरोपों के दबाव में आने वाले नहीं हैं।
बिना टेंडर पौधे खरीदने का आरोप बेबुनियाद हैं। टेंडर की प्रक्रिया अभी भी चल रही है। कर्मचारी संगठन की ओर से ज्ञापन मिला है, जिसमें पार्षद पर माली के साथ बदसलूकी करने और धमकी देने का आरोप है। पार्षद को नोेटिस भेजा रहा है, क्योंकि उन्होंने निगम की छवि खराब करने की कोशिश की है। -- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।