पत्रकारो से वार्ता करती एडवोकेट फराह फेज
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सहारनपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्रों को लाभ दिलाने के नाम पर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार को लेकर जनहित याचिका दायर करने वाली अधिवक्ता फरहा फैज का कहना है कि इस मामले में अब तक भी भ्रष्टाचार कम नहीं हुआ है। लेकिन लंबे समय से गरीबों के हक की आवाज उठाने का ही नतीजा रहा कि 400 से अधिक लोगों की सूची में से 259 को अब तक योजना का पात्र मान लिया गया है और इनके लिए राशि उप लब्ध कराने के लिए डीपीआर तैयार हो चुकी है।
शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में राष्ट्रवादी मुस्लिम महिला संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष फरहा फैज ने कहा कि पात्रों को राशि आवंटन के नाम पर अब तक भी गोलमाल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना में गोलमाल के बावजूद परियोजना अधिकारी को संरक्षण दिया गया। योजना के नाम पर 20 फीसदी कटमनी के साथ ही अन्य स्तर पर आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है। यह बंद होना चाहिए।
फरहा ने कहा कि इस मामले में डीएम की बजाय अब मंडल स्तर पर जांच कराई जानी चाहिए ताकि बाकी पात्र लोगों के साथ भी न्याय हो सके और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके।
चार्जशीट मामले पर कहा, इस बारे में बाद में बात करेंगी
- थाना सदर में वर्ष 2010 में जमीन के नाम पर धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों के मामले में चार्जशीट पेश करने में देरी के मामले पर फराह फैज ने कहा कि फिलहाल वे इस योजना के पात्रों की बात उठा रही हैं। इस मसले पर बात में बात करेंगी। दरअसल, इस प्रकरण में फरहा फैज सहित अन्य लोग आरोपी रहे और इसमें पुलिस अफसरों से लेकर कर्मचारियों तक को चार्जशीट में देरी के लिए कोर्ट की फटकार पड़ी थी।