सहारनपुर। नागरिकों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए नगर निगम पानी में आर्सेनिक और हैवी मेटल की जांच कराएगा। जांच आईआईटी रुड़की से कराई जाएगी।
नगर निगम द्वारा जल निगम ग्रामीण की लैब में सौ से अधिक नमूनों की फिजिकल, केमिकल एवं बैक्टिरियोलॉजिकल जांच कराई गई है। नगर निगम के जलकल अनुभाग के महाप्रबंधक पुरुषोत्तम का दावा है कि सभी नमूनों की टेस्ट रिपोर्ट सामान्य आई है। उन्होंने बताया कि पेयजल में आर्सेनिक, फ्लोराइड व अन्य हैवी मैटल की जांच आईआईटी रुड़की से कराने की तैयारी है। घर-घर जाकर अमृत मित्रों द्वारा प्रतिदिन करीब 450 नमूने लेकर क्लोरीन की जांच की जा रही है। इसके अलावा विभागीय वाहनों द्वारा भी प्रतिदिन रोस्टर के अनुसार क्लोरीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
यह भी दावा किया है कि ओवर हेड टैंकों की सफाई दो माह पहले ही कराई जा चुकी है। प्रत्येक छह महीने बाद सफाई कराई जाती है। निगम की जल प्रयोगशाला का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है, जल्दी ही इसमें नमूनों की जांच शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि शिकायतों में सबसे पहले गंदे पानी की शिकायत का निस्तारण किया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जिन उपभोक्ताओं की पाइपलाइन नाले/नाली/सीवर के पास से गुजर रही है या क्रॉस हो रही है या क्षतिग्रस्त/लीकेज है तो वह स्वयं के स्तर से उसकी मरम्मत कराएं या निगम को अवगत कराएं।
3.60 करोड़ से बदली जाएगी पाइपलाइन
महाप्रबंधक ने बताया कि पुरानी पेयजल पाइप लाइनों को बदलने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 3.60 करोड़ का बजट रखा गया है। अनेक वार्डों में क्षतिग्रस्त पेयजल पाइप लाइन, नई पेयजल पाइप लाइन बिछाने का कार्य कराया जा रहा है। 1.25 करोड़ के कार्य कराए गए हैं।