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कैम्पैक्टर खरीदकर इस्तेमाल करना भूल गया निगम

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दिल्ली रोड पर स्थापित कैम्पैक्टर। - फोटो : SAHARANPUR
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कैम्पेक्टर खरीदकर इस्तेमाल करना भूल गया निगम
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सहारनपुर। कचरा प्रबंधन के उद्देश्य से नगर निगम सहारनपुर करीब 80 लाख रुपये खर्च किए। चार कैम्पेक्टर खरीदे, लेकिन शायद उनका इस्तेमाल करना भूल गया है। तभी तो यह कैम्पेक्टर तीन साल से सड़कों किनारे धूल फांक रहे हैं। इससे जनता का पैसा भी बर्बाद होता नजर आ रहा है।
कचरे को प्रेस कर कम आकार में लाने के लिए नगर निगम तत्कालीन अधिकारियों ने तीन वर्ष पहले करीब 80 लाख रुपये के चार कैम्पेक्टर खरीदे थे। मगर अधिकारी बदलते ही कैम्पेक्टर की जरूरत मानो खत्म हो गई। कैम्पेक्टर खरीदे तो गए, मगर उन्हें सड़कों पर लगाकर आज तक इस्तेमाल नहीं किया है। सवाल यह है कि यदि कैम्पेक्टर की जरूरत नहीं थी तो धनराशि खर्च क्यों की गई। भविष्य में कैम्पेक्टर कब चलेंगे, इसकी भी कोई तैयारी अभी तक नजर नहीं आ रही है।
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ऐसे कार्य करता है कैम्पेक्टर
कैम्पेक्टर का कार्य भारी मात्रा में कचरे को प्रेस करके यानी दबाकर कम आकार में लाना है। सहारनपुर में लगाए कैम्पेक्टर की क्षमता एक बार में 12 टन कचरे को यानी करीब चार ट्रक कचरे को दबाकर कम आकार में लाने की, जो बाद में एक ही ट्रक में आ जाता है। भारी दबाव के चलते कचरे में शामिल पानी और गीलापन पाइप के जरिये बाहर आ जाता है। इसके बाद केवल कचरा बचता है, जिसे वाहनों के जरिये निस्तारण केंद्र तक ले जाया जाता है।
कैम्पेक्टर बन गया प्रचार प्वाइंट
दिल्ली रोड पर सब्जी मंडी के पास स्थापित कैम्पेक्टर कई संस्थानों और कंपनियों के लिए प्रचार प्वाइंट बना हुआ है। कई शिक्षण संस्थाओं और कंपनियों ने कैम्पेक्टर पर अपने पोस्टर चस्पा कर कैम्पेक्टर को ढक दिया है।
कैम्पेक्टर में भरा है कचरा
दिल्ली रोड पर जहां कैम्पेक्टर रखा है, वहां कूड़ाघर भी चलता था। नगर निगम ने करीब दो माह पहले कूड़ाघर तो खत्म कर दिया है, मगर कैम्पेक्टर वहीं रखा है। कैम्पेक्टर में कई माह से कचरा भरा हुआ सड़ रहा है। वर्तमान में भी कुछ लोग कचरा भर रहे हैं। इसके अलावा कुछ लोग कचरा कैम्पेक्टर के पास भी डालकर जा रहे हैं।
प्रतिदिन निकलता है 320 टन कचरा
सहारनपुर शहर में 70 वार्ड हैं, इनसे प्रतिदिन करीब 320 टन कचरा निकलता है। यदि कैम्पेक्टर चालू किए जाएं और अधिकतम कचरे को कैम्पेक्टर से निकाला जाए तो यह कचरे का वजन और आकार काफी कम कर सकते हैं।
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नगर निगम ने कुछ समय पहले कैम्पेक्टर खरीदे थे। कैम्पेक्टर का कार्य भारी मात्रा में कचरे को कम आकार में लाना होता है। निगम द्वारा खरीदे कैम्पेक्टर की क्षमता एक बार में 12 टन कचरे को प्रेस करने की है। चालू करने पर विचार चल रहा है। - डॉ. एके त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।

कैम्पैक्टर के भीतर और बाहर कचरा।- फोटो : SAHARANPUR

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