सहारनपुर। कोरोना का खतरा टला नहीं है। जनपद में कोरोना के मरीज मिलने के बाद भी जिला अस्पताल में कोविड नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। अस्पताल में जुट रही भीड़ न तो मास्क लगा रही और न ही दो गज दूरी का पालन किया जा रहा है। इससे कोरोना के फैलने का खतरा और बढ़ता जा रहा है। लेकिन जिम्मेदार गंभीर नजर दिखाई नहीं दे रहे।
जनपद में कोरोना मरीज मिलने का सिलसिला 21 मार्च से शुरू हुआ था। उसके बाद से संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। सढ़ौली कदीम, बलियाखेड़ी, नकुड़, नागल, सरसावा, राजकीय मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। इनके अलावा चंडीगढ़, हरिद्वार से भी तीन लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।
यहीं नहीं रविवार रात नकुड़ के जैनपुर निवासी 58 वर्षीय सुशील की कोरोना संक्रमण से मौत हुई है। उनका पिछले एक सप्ताह से ऋषिकेश एम्स में उपचार चल रहा था। कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने और मौत होने के बाद भी लोग लापरवाही बरत रहे हैं। हाल ये है कि एसबीडी जिला अस्पताल की ओपीडी से लेकर पर्चा बनवाने, चिकित्सकों को दिखाने और दवाई लेने के लिए मरीज मास्क नहीं लगा रहे हैं। यहां दो गज की दूरी का भी पालन नहीं हो रहा है। यहीं नहीं कोरोना संदिग्धों की जांच भी नहीं कराई जा रही है।
अभी तक 39.7 फीसदी को लगी बूस्टर डोज
जनपद में वैक्सीन नहीं होने के चलते पिछले दो माह से कोरोनारोधी टीकाकरण नहीं हो रहा है। 29,59,431 लोगों को पहली, 29,88,887 ने दूसरी और 7,69,171 लोगों ने बूस्टर डोज लगवाई है। जबकि बूस्टर लगाने का लक्ष्य 19,39,638 है। अभी भी 11,70,467 लोग ऐसे हैं, जिन्हें बूस्टर डोज नहीं लगी हैं।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए गाइडलाइन का पालन करना बेहद जरूरी है। जांच का दायरा बढ़ा दिया है। रोजाना एक हजार से अधिक एंटीजन और आरटीपीसीआर से जांच कराई जा रही है। अभी वैक्सीन नहीं है, इसलिए लोगों को स्वयं ही सुरक्षित रहना होगा।
- डॉ. संजीव मांगलिक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी