सहारनपुर। राष्ट्रीय कोरी समाज के सम्मेलन में हिंदू जुलाहा और कोरी समाज के लोगों को अनुसूचित जाति के प्रमाण-पत्र निर्गत किए जाने के अधिकारियों द्वारा की जा रही आनाकानी पर रोष जताया गया और अनुसूचित जाति के प्रमाण-पत्र निर्गत करने की मांग की गई।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में रहने वाले कोरी जाति के लोग अनुसूचित जाति के हैं। इन्हें अपना अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद इस समस्या का समाधान करा दिया जाएगा। विधायक राजीव गुंबर ने कहा कि सभी को अपने हक की लड़ाई लड़ने का अधिकार है। इसमें वह कोरी समाज के साथ हैं।
राष्ट्रीय कोरी समाज के अध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी डॉक्टर मंगल सेन कोरी ने कहा कि सहारनपुर मंडल, मेरठ मंडल, आगरा मंडल एवं पूरे उत्तर प्रदेश की हिंदू जुलाहा के नाम से जानी जाने वाली कोरी जाति अनुसूचित जाति की सूची में 50वें क्रमांक पर अंकित है। अब तक तो कोरी समाज को अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र दिया जाता रहा। कुछ समय से अधिकारी अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र निर्गत करने में आनाकानी कर रहे हैं। जबकि उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्था गोमती नगर लखनऊ द्वारा किए गए शोध में यह स्पष्ट हुआ कि हिंदू जुलाहा अलग से जाति नहीं है, यह कोरी जाति है जो अनुसूचित जाति के अंतर्गत आती है। इसके प्रमाण-पत्र निर्गत करने के आदेश दिए गए। फिर भी आनाकानी की जा रही है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामपाल सिंह कोरी, रघुवीर सिंह कोरी, महेंद्र सिंह पटवारी, अमरनाथ कोरी, सुरेंद्र सिंह, ज्ञान सिंह, अनिल कोरी, धर्मवीर कोरी, मूलचंद कोरी, जितेंद्र कोरी, रविंद्र कोरी, राजन कोरी रहे।