देवबंद (सहारनपुर)। प्रदेश सरकार द्वारा गैर मान्यता वाले मदरसों का सर्वे कराने के आदेश दिए जाने पर इस्लामी तालीम के प्रमुख केंद्र दारुल उलूम ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया, जबकि अन्य मदरसों के जिम्मेदारों का कहना है कि उन्हें इससे जरा भी दिक्कत नहीं है। सभी उलमा को चाहिए कि वह सरकार के सर्वे में भरपूर सहयोग करें।
मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी का कहना है कि सरकार अपना काम कर रही है। यदि सरकार मदरसों का सर्वे करा रही है तो इसमें किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। जो चोर होगा वो ही डरेगा। मुफ्ती असद ने मिसाल देते हुए कहा कि चोर हमेशा चाहेगा कि पुलिस चौकी न बने, जबकि एक शरीफ आदमी सुरक्षा को ध्यान में रखकर चाहेगा कि पुलिस चौकी स्थापित हो। उन्होंने कहा कि सरकार के सर्वे में सहयोग किया जाएगा। जमीयत दावतुल मुसलिमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन मौलाना कारी इस्हाक गोरा का कहना है कि सरकार की तरफ से गैर मान्यता वाले मदरसों का जो सर्वे कराया जाएगा। उसमें सभी उलमा एकराय होकर मदद करें। उन्होंने कहा कि सरकार के इस सर्वे में चेकिंग करने वाली टीमों का भरपूर सहयोग किया जाएगा। वहीं, दारुल उलूम ने फिलहाल इस पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
आदेश मिलते ही सर्वे शुरू हो जाएगा : गोंड
सहारनपुर। गैर मान्यता प्राप्त और स्ववित्त पोषित मदरसों का सरकार द्वारा सर्वे कराने की घोषणा के बाद जनपद में इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भरतलाल गोंड का कहना है कि सरकार ने गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे कराने की घोषणा की है, वैसे हमने तैयारी शुरू कर दी है। बस शासनादेश के आने का इंतजार है, ताकि पता चल सके कि किन-किन बिंदुओं पर जांच होनी है और जांच टीम में कौन शामिल रहेगा। उन्होंने बताया कि जनपद में 83 मदरसे बिना मान्यता के चल रहे हैं।
जिले में मान्यता प्राप्त मदरसे-508
शासन से एडेड मदरसा- 1
आधुनिकीरण योजना में चयनित मदरसे-283( इनमें संविदा पर हिंदी, गणित, विज्ञान के शिक्षक रखे गए है।)
बिना मान्यता के चल रहे मदरसे- 83
मौलाना मुफ्ती असद कासमी- फोटो : DEVBAND