गंगोह। स्टेट हाईवे पर बिना रास्ता बनाए नदी की पुलिया तोड़ने पहुंचे ठेकेदार को किसानों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। किसानों ने हंगामा करते हुए ध्वस्तीकरण कार्य नहीं होने दिया। किसानों का कहना है कि गन्ने का सीजन खत्म होने तक वे पुलिया को नहीं टूटने देंगे। पुलिया को रात में न तोड़ दे इस आशंका के चलते किसान टेंट लगाकर पुलिया स्थल पर डट गए हैं।
शुक्रवार सुबह करनाल स्टेट हाईवे 167 स्थित गांव शकरपुर स्थित सिंधली नदी की पुलिया के प्रस्तावित चौड़ीकरण के चलते ठेकेदार जेसीबी लेकर पुलिया तोड़ने पहुंच गया। इसकी भनक लगते ही पूर्व जिला पंचायत सदस्य अरविंद चौधरी, रूपेंद्र चौधरी, हाजी लियाकत, निशु सैनी, संदीप कुमार, जोगिंदर सिंह, लीलू, राज सिंह, मोहम्मद अली, गुरमुख सिंह, अशोक कुमार आदि मौके पर पहुंच गए।
किसानों का कहना है कि ठेकेदार ने पुलिया की बराबर से बिना रास्ता बनाए ही पुलिया तोड़ने का काम शुरू कर दिया। इससे एक दर्जन से अधिक गांवों का आवागमन बंद होने के साथ ही शकरपुर, दौलतपुर, डबकोला, बल्लामजरा, मानपुर, खालिदपुर, उमरपुर सिकंदरपुर, बाँसदेई, कुंडा खुर्द, कुंडा कला आदि गांवों के गन्ना क्रय केंद्रों का गन्ना ढुलाई का काम बंद हो जाएगा। इससे किसानों को भारी परेशानी और नुकसान होगा। इसलिए गन्ना सीजन खत्म होने तक पुलिया को न तोड़ा जाए।
हंगामा बढ़ता देख पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने ठेकेदार को निर्देश दिया कि पहले रास्ता बनाए। इसके बाद ही पुलिया को तोड़ने का काम करे। इसके बाद किसान शांत हुए। बावजूद इसके किसान मौके पर ही टेंट लगाकर पुलिया की पहरेदारी कर धरने पर बैठ गए हैं। उधर, कोतवाली प्रभारी नावेंद्र सिरोही का कहना है की पुलिया तोड़ने से फिलहाल रोक दिया गया है।