-पांच लाख रुपये सात प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करने के दिए आदेश
-पति ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में दायर किया था वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक उपभोक्ता का मानसिक और बार-बार चक्कर लगवाने के मामले में भारतीय जीवन बीमा निगम पर 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है, साथ ही आदेश दिया है कि दो महीने के अंदर बीमे की धनराशि पांच लाख रुपये सात प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करें। ब्याज की गणना धनराशि की वास्तविक अदायगी के आधार पर की जाएगी।
देवबंद के मोहल्ला मटकोटा निवासी अब्दुल मुकीम खान पुत्र हाजी अब्दुल हलील खान ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया था। उन्होंने बताया था कि उसकी पत्नी रूबिना परवीन ने भारतीय जीवन बीमा निगम से 17 जनवरी 2018 से 17 जनवरी 2039 की अवधि के लिए पांच लाख रुपये का बीमा कराया था, साथ ही पॉलिसी में पति को नॉमिनी बनाया था। उसकी पत्नी की 30 मार्च 2018 को ब्रेन हैम्ब्रेज से मृत्यु हो गई थी। जिसकी सूचना उसने बीमा कंपनी को दे दी गई।
उसके बाद बीमा कंपनी ने सभी औपचारिकताओं को पूर्ण कराया था। परिवादी ने बीमा कंपनी के मंडलीय कार्यालय में पत्र लिखे। दो दिसंबर 2020 को क्लेम की धनराशि गलत कारण दर्शाकर देने से इनकार कर दिया गया। इसके लिए उन्होंने मानसिक क्षतिपूर्ति हुई।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के अध्यक्ष सतीश कुमार, सदस्य नूतन शर्मा व राजीव कुमार ने वाद की सुनवाई करते हुए बीमा कंपनी के शाखा प्रबंधक को मानसिक क्षतिपूर्ति 75 हजार, वाद व्यय के रूप में पांच हजार रुपये सहित कुल 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आदेश दिया कि जुुर्माने की धनराशि जल्द लौटाई जाए। यह भी कहा कि बीमे की धनराशि पांच लाख रुपये सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से परिवादी को बीमा पॉलिसी के नॉमिनी को दें।