देवबंद। नगर में कुटी सड़क पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण अभी तक शुरू नहीं हुआ है, जबकि नगर पालिका ने करीब चार महीने पहले भूमि खरीदकर जल निगम को सौंप दी थी। जल निगम के अधिकारियों का कहना है कि एसटीपी की क्षमता 20 एमएलडी से बढ़ाकर 25 या 28 एमएलडी करने पर विचार चल रहा है।
नगर से होकर गुजर रहे गंदे नालों के पानी को मशीनों से साफ कर उसे खेती में प्रयोग करने लायक बनाने के लिए ही एसटीपी लगाया जाएगा। कुटी सड़क पर चयनित भूमि का सर्वे कार्य पूरा होने के बाद शासन से ग्रांट जारी हुई। उसके बाद नगर पालिका द्वारा करीब 2 करोड़ 32 लाख रुपये में 0.998 हेक्टेयर (यानी करीब 17 बीघा) भूमि किसानों से खरीदी गई थी। जिसे समस्त कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद जल निगम मुजफ्फरनगर को सौंप दिया गया, क्योंकि जल निगम ही एसटीपी का निर्माण कराएगा। चार महीने गुजरने के बाद भी काम शुरू नहीं हो पाया है। बताया जा रहा है यह 20 एमएलडी क्षमता का बनाया जाना है, जिस पर करीब 46 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। क्योंकि इसकी टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। कार्य अभी तक क्यों शुरू नहीं हुआ है इस बारे में अधिकारी स्पष्ट नहीं बता पा रहे हैं।
एसटीपी के लिए नगरपालिका ने भूमि खरीदकर जल निगम को सौंप दी थी। एसटीपी लगाने का काम जल निगम को करना है, जबकि टेंडर भी हो चुका है। निर्माण कार्य अभी क्यों शुरू नहीं हुआ इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
- डॉ. राजपति बैस, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका देवबंद
नगरपालिका ने कुछ और नालों को इसमें जोड़ा है। जिससे इसकी क्षमता 20 से बढ़ाकर 25 या 28 एमएलडी करने पर विचार चल रहा है। इससे खर्च भी 46 करोड़ से बढ़कर 56 करोड़ के आसपास पहुंचने का अनुमान है। संभवतः अगले तीन-चार माह में निर्माण शुरू हो सकता है। -सत्यप्रकाश, एई जल निगम मुजफ्फरनगर