सहारनपुर में करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद स्पोर्ट्स कॉलेज सफेद हाथी बनकर रह गया है। करीब तीन साल से इस कॉलेज का निर्माण कार्य पूरी तरह बंद है। छात्रावास और खेल के मैदान पर अभी तक काम शुरू तक नहीं हुआ है।
बसपा सरकार ने वर्ष 2008 में जिले को स्पोर्ट्स कॉलेज का सौगात दी थी। वर्ष 2010 में बेहट क्षेत्र के गांव शेरुल्लागढ़ में कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया था।
इसके बाद पता चला कि जमीन को खेल विभाग को हैंडओवर किए बिना ही काम शुरू करा दिया गया है। इससे निर्माण में पेंच फंस गया। निर्माण कार्य भी लटक गया।
स्थानीय अधिकारियों ने किसी तरह जमीन को हैंडओवर भी करा लिया, लेकिन उसके बाद जमीन पर खड़े सैकड़ों पेड़ों को काटे जाने पर विवाद हो गया। इसके बाद फिर काम लटक गया।
पेड़ों का मामला सुलझा तो क्षेत्र में आने वाली बरसाती बाढ़ को स्थानीय लोगों ने मुद्दा बना दिया। ग्रामीणों का कहना है कि कॉलेज के बनने से बाढ़ का पानी सीधे गांव में घुसेगा। इससे जान और माल दोनों का नुकसान हो सकता है।
इतना ही नहीं, डॉ. इंद्रवीर सिंह यादव के डीएम रहते कॉलेज की जमीन पर भी सवाल उठे थे। डीएम का कहना था कि बाढ़ स्पोर्ट्स कॉलेज को भी चपेट में ले सकती है, जिससे वहां रहने वाले खिलाड़ियों की जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने साफ तौर पर स्पोर्ट्स कॉलेज पर रोक लगाने की बात कर दी थी।
स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण कार्य पुन: चालू कराने के लिए शासन ने आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर जैड अहमद को रिपोर्ट तैयार करने को कहा था, जिससे स्पोर्ट्स कॉलेज और पास के गांव को बरसाती बाढ़ से की चपेट में आने से बचाया जा सके।
प्रोफेसर जैड अहमद स्पोर्ट्स कॉलेज का दौरा कर करीब एक महीने पहले रिपोर्ट तैयार कर चुके हैं। संभवत: वह अपनी रिपोर्ट खेल निदेशालय को सौंप भी चुके हैं। स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। आले हैदर, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी।