सहारनपुुर में कांग्रेस को एक और झटका लग सकता है। देवबंद सीट पर विधानसभा का टिकट पाने के लिए एक कांग्रेस नेता के बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी के संपर्क में होने की चर्चा है। ऐसे में गंगोह सीट के बाद कांग्रेस को एक और झटका लग सकता है।
वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में देवबंद सीट पर मनोज चौधरी बसपा के टिकट पर जीते थे। इसके बाद वर्ष 2012 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़े राजेंद्र राणा ने जीत दर्ज कराई थी, जिन्हें सपा सरकार ने राज्यमंत्री बनाया था।
बीमारी के चलते गत वर्ष उनका निधन हो गया। ऐसे में देवबंद सीट पर उप चुनाव कराया गया। इसमें कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े माविया अली ने जीत दर्ज की, जबकि सपा के टिकट पर चुनाव लड़ी राजेंद्र राणा की पत्नी मीना राणा को हार का सामना करना पड़ा।
यानी एक तरह से तीन चुुनावों में देवबंद सीट पर तीन पार्टियों के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। आगामी विधानसभा चुुनाव के लिए बसपा ने अनिल तंवर को प्रत्याशी बनाया गया था।
तंवर ने तैयारी भी शुरू कर दी थी, मगर अब कुछ महीने पहले जिला पंचायत अध्यक्ष के पति माजिद अली को बसपा ने प्रत्याशी बना दिया। अब सियासी गलियारों में चर्चा है यह भी है कि बसपा यहां कद्दावर मुस्लिम प्रत्याशी की तलाश में है। इसके लिए बसपा एक कांग्रेस नेता पर डोरे डाल रही है।
बेहट और नकुड़ के अलावा बसपा को देवबंद में मुस्लिम प्रत्याशी उतारना है। कारण, बसपा सहारनपुर देहात से जगपाल सिंह को ही चुनाव लड़ाएगी। कांग्रेस नेता के भी बसपा से टिकट पाने के लिए महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी के संपर्क में होने की चर्चा है।
इन दिनों देवबंद में नगर पालिका के उप चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद स्थिति साफ होने की उम्मीद है। यदि ऐसा हुआ तो यह कांग्रेस के लिए जनपद में दूसरा बड़ा झटका होगा।