सहारनपुर। सड़कों के बीच खड़े विद्युत खंभे सहारनपुर के स्मार्ट सिटी बनने की परिकल्पना को पलीता लगा रहे हैं। इन खंभों से एक ओर जहां शहर की सूरत बिगड़ रही है, वहीं यह यातायात में भी बाधा पैदा कर रहे हैं। कोहरे में ये खंभे हादसों का भी कारण बन रहे हैं। उधर, यही खंभे अतिक्रमण को भी बढ़ावा दे रहे हैं, क्योंकि दुकानदार और रेहड़ी लगाने वाले लोग खंभों की आड़ में सड़कों पर कब्जा किए हुए हैं।
स्मार्ट सिटी योजना में चयन के बाद नागरिकों को चौड़ी सड़कों, भूमिगत विद्युत लाइन होने, सड़कों पर खड़े खंभे हटने के सपने दिखाए गए थे। लेकिन योजना में चयन के चार साल बाद भी ज्यादातर सड़कों से खंभे नहीं हटे हैं। सड़कों की हालत कुछ हद तक सुधरी जरूर है, लेकिन खंभों को किनारे करने की जरूरत संबंधित अधिकारियों ने नहीं समझी। नगर निगम ने तीन साल पहले पुल जोगियान से बेहट अड्डा तक सड़क के चौड़ीकरण का काम किया, लेकिन अनेक खंभों को सड़क के बीच से ही छोड़ दिया गया। महाराज सिंह कॉलेज और पुरानी चुंगी के बीच खंभे नहीं हटाए गए हैं, लेकिन सड़क के किनारे पर बनने वाली सफेद पट्टी को जरूर कम कर दिया गया है। महानगर की तमाम सड़कों पर खंभे जो आठ से दस फीट तक पीछे हो सकते हैं, नहीं किए जा रहे हैं। इसकी वजह से यह राह में बाधा पैदा कर रहे हैं। तमाम बाजारों और मार्गों पर इस तरह से खड़े खंभे अतिक्रमण को बढ़ावा देने के साथ हादसों का भी कारण बन रहे हैं।
केवल स्मार्ट रोड से हटे खंभे
स्मार्ट सिटी योजना के तहत महानगर में 23 किलोमीटर लंबी स्मार्ट सड़कें विकसित की जानी हैं। इन सड़कों पर से विद्युत खंभे हटाकर किनारे किए गए हैं। कई सड़कों पर विद्युत लाइन को भूमिगत किया गया है। लेकिन 23 किलोमीटर से अलग सड़कों पर विद्युत खंभे पहले की तरह ही खड़े हैं।
कोहरे में बन सकते हैं हादसे की वजह
सर्दी का मौसम है और आगामी दिनों में घना कोहरा छाने की आशंका है। जनपद में ऐसा कोहरा रहता है, जिसमें दृश्यता दस मीटर तक भी नहीं रहती है। ऐसी स्थिति में सड़कों के बीच खड़े खंभे हादसे की वजह बन सकते हैं।
अक्सर होता यह है कि सड़कों का चौड़ीकरण कर दिया जाता है, जिसकी वजह से खंभे सड़क के बीच में नजर आते हैं। फिर भी यदि कहीं खंभे यातायात को प्रभावित कर रहे हैं या भविष्य में उनके कारण हादसा होने की आशंका है तो ऐसे खंभों को दिखवाया जाएगा और जितना हो सके सड़क किनारे कराया जाएगा।
आदर्श कुमार कौशल, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम