गागलहेड़ी। हरोड़ा स्थित मीट प्लांट में गैस रिसाव की घटना के समय बेहोश हुई चार महिलाओं को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि इनमें से एक महिला समरीन की छुट्टी मिलने के कुछ घंटे बाद ही तबीयत फिर से बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उसे दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने आईसीयू में रखकर उपचार शुरू कर दिया।
बता दें, कि मंगलवार को मीट प्लांट में अमोनिया गैस का रिसाव होने से वहां कार्यरत 14 महिला मजदूर अचानक बेहोश हो गई थीं। सभी प्रभावित मजदूरों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। उपचार के दौरान अधिकांश महिला मजदूरों के स्वास्थ्य में सुधार होने पर उन्हें पहले ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। वहीं आईसीयू में भर्ती चार महिला मजदूरों को बृहस्पतिवार को चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी थी। घर पहुंचने के बाद शाम पांच बजे समरीन की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे सांस लेने में दिक्कत और बेचैनी की शिकायत होने पर परिजन तत्काल उसे अस्पताल लेकर पहुंचे।
चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। उधर, गैस रिसाव की घटना के बाद प्रशासन ने मीट प्लांट का संचालन फिलहाल बंद करा रखा है। वहीं, यह भी चर्चा चल रही है कि जिन महिलाओं से काम कराया जा रहा था श्रम विभाग के पास उनका कोई रिकॉर्ड भी नहीं है। हालांकि इस प्रकरण में उप श्रम आयुक्त सुविज्ञा सिंह का कहना है कि घटना के बाद जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जाएगा।
इस प्रकरण में गहनता से जांच की जा रही है। कई विभाग अपने-अपने स्तर से जांच कर रहे हैं। अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है।
- अरविंद कुमार चौहान, जिलाधिकारी