सहारनपुर। खांसी, बुखार या जुकाम हुआ और कोरोना का भय बना तो लोग सीटी स्केन कराने पहुंच रहे हैं। पैथोलॉजी लैब पर रोजाना ही भीड़ लग रही है, जबकि सीटी स्केन प्रत्येक व्यक्ति को कराने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि बगैर जरूरत के सीटी स्केन कराने से सेहत को नुकसान भी हो सकता है।
शहर में बाजोरिया रोड सहित कई पैथोलॉजी लैब हैं, जहां सीटी स्केन की सुविधा है। यहां रोजाना 150 से ज्यादा लोग सिटी स्केन कराने पहुंच रहे हैं। इसी तरह जिला अस्पताल में भी सीटी स्केन कराने वालों की भीड़ लग रही है। पूर्व में जिला अस्पताल में 8 से 10 सीटी स्केन होते थे, लेकिन अब यहां रोजाना 25 से 30 सीटी स्केन हो रहे हैं।
बाजोरिया रोड पर पैथोलॉजी लैब संचालिका एवं रेडियोलॉजिस्ट डाक्टर दीपशिखा खन्ना कहती हैं कि रोजाना ही बड़ी संख्या में लोग सीटी स्केन कराने आ रहे हैं। जिनमें काफी ऐसे हैं जिनका काम एक्सरे से ही चल सकता है। इनका कहना है कि जिन लोगों की एंटीजन और आरटीपीसीआर कोविड जांच निगेटिव आ रही है, वह भी सीटी स्केन करा रहे हैं, जबकि सीटी स्केन चिकित्सक की सलाह के बाद ही होना चाहिए। सीटी कराने के दौरान जो किरणें निकलती हैं, वह काफी नुकसानदेह होती हैं और एक्सरे के मुकाबले करीब 300 गुना ज्यादा किरणें सीटी स्केन के दौरान निकलती हैं।